68,500 शिक्षक भर्ती : अभ्यर्थियों का शिक्षा मंत्री के आवास पर शंखनाद, बोले- नौकरी दो या घर पर दिवाली मनाने दो
लखनऊ में दो महीने से धरना-प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने किया संदीप सिंह के आवास का घेराव, शंख और घंटियां बजाकर लगाई नियुक्ति की गुहार, भूख हड़ताल कर रहे अभ्यर्थी की बिगड़ी तबीयत, पुलिस पर मारपीट का आरोप

लखनऊ, 5 नवंबर 2026:
उत्तर प्रदेश की 68,500 शिक्षक भर्ती 2018 में आरक्षण विसंगति का विवाद अभ्यर्थियों के लिए अब आर-पार की लड़ाई बनता जा रहा है। नियुक्ति की मांग को लेकर दो महीने से अधिक समय से लखनऊ के ईको गार्डन में धरना दे रहे सैकड़ों अभ्यर्थियों ने गुरुवार को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने करीब एक घंटे तक आवास के बाहर जमकर नारेबाजी की। मंत्री का ध्यान खींचने के लिए अभ्यर्थियों ने शंख और घंटियां बजाकर शंखनाद किया। उनका कहना था कि जब उनकी आवाज मंत्री तक नहीं पहुंच रही तो अब शंखनाद के जरिए अपनी बात पहुंचाएंगे।
प्रदर्शन के दौरान ‘ऐसी क्या मजबूरी है, आरक्षण की चोरी है’ और ‘पिछड़ा आयोग ने माना है, आरक्षण घोटाला है’ जैसे नारों से माहौल गर्म रहा। अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। कुछ प्रदर्शनकारी मंत्री आवास के सामने जमीन पर लेट गए और हाथ जोड़कर नौकरी देने की गुहार लगाने लगे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें वहां से हटाकर बसों में बैठाया। एक प्रदर्शनकारी ने रोते हुए आरोप लगाया कि बस में बैठाने के बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें लातों से पीटा।
इस बीच 11 दिन से भूख हड़ताल कर रहे चित्रकूट निवासी अभ्यर्थी दीपक पटेल की अचानक तबीयत बिगड़ गई। पुलिस उन्हें हजरतगंज स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल ले गई, जहां उपचार के बाद हालत में सुधार होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई। इसके बाद दीपक को वापस ईको गार्डन भेज दिया गया। उनके साथ आशुतोष वर्मा, रत्नेश कुमार और संतोष कुमार भी मौजूद रहे।
प्रदर्शन में शामिल कई अभ्यर्थियों का दर्द भी छलका। एक फूट-फूटकर रोने लगा। उसने बताया कि ढाई महीने से घर नहीं गया है और उसकी तीन साल की बेटी बीमार है। बेटी रोज पूछती है कि पापा घर कब आएंगे। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने उन्हें जबरन घसीटकर ईको गार्डन भेजा जिससे उनमें भारी आक्रोश है।

दीपावली से पहले नियुक्ति शेड्यूल जारी करने की मांग
आंदोलनरत ओबीसी, दिव्यांगजन, भूतपूर्व सैनिक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित वर्ग के अभ्यर्थियों की एक सूत्रीय मांग है कि दीपावली से पहले नियुक्ति का शेड्यूल जारी किया जाए जिससे वे त्योहार अपने परिवार के साथ मना सकें। आंदोलन के नेतृत्वकर्ता आशुतोष वर्मा ने कहा कि यदि दीपावली से पहले नियुक्ति कार्यक्रम जारी नहीं होता तो मंत्री संदीप सिंह उन्हें अपने आवास पर ही दिवाली मनाने की अनुमति दें।
वहीं, नेतृत्वकर्ता तूफान सिंह ने दो टूक कहा कि नियुक्ति शेड्यूल जारी होने तक आंदोलन नहीं थमेगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे अभ्यर्थियों ने भी अपनी मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया।






