Ayodhya Deepotsav : CM योगी का भावुक संदेश, बोले- एक ज्योति जलाने से मिट जाता है अंधकार
10वें दीपोत्सव पर रामनगरी के नाम मुख्यमंत्री का संदेश, बोले- 2017 में सरयू तट पर जली संकल्प की लौ ने अयोध्या को वैश्विक पहचान दिलाई, घर-आंगन में दीप जलाकर मनाएं सनातन चेतना का उत्सव

लखनऊ, 7 नवंबर 2026:
रामनगरी अयोध्या में 10वें दीपोत्सव के भव्य आयोजन से पहले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने रामभक्तों के नाम भावुक और आध्यात्मिक संदेश दिया है। उन्होंने दीपक को केवल मिट्टी का पात्र नहीं अपितु चेतना के जागरण का प्रतीक बताते हुए कहा कि अंधकार से लड़ने की जरूरत नहीं होती, केवल एक ज्योति जलानी होती है और अंधकार स्वयं विदा हो जाता है। मुख्यमंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि श्रीराम जन्मभूमि पर जब दीप प्रज्वलित हों तो वे भी अपने घर-आंगन में दीप जलाकर इस उत्सव का हिस्सा बनें।
योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संस्कृत के श्लोक ‘राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने।।’ के साथ अपने संदेश की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि पुण्यसलिला मां सरयू की गोद में बसी धर्मनगरी अयोध्या अलौकिक उल्लास, गौरव और भक्ति के महापर्व दिव्य दीपोत्सव के लिए पूरी तरह सज्जित है। वर्षों की प्रतीक्षा और करोड़ों सनातनियों की आस्था का प्रतिफल आज लाखों दीपों की स्वर्णिम आभा के रूप में अंधकार पर प्रकाश, सत्य और धर्म की शाश्वत विजय का उद्घोष करेगा।
योगी ने दीपोत्सव में शामिल होने आ रहे उपराष्ट्रपति, मित्र देशों के राजदूतों, उच्चायुक्तों, राजनयिकों, देश-विदेश के विशिष्ट अतिथियों, साधु-संतों और रामभक्तों का प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि पर स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि समता, समरसता, सांस्कृतिक एकात्मता और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना से जुड़ा यह आयोजन ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बनेगा।
2017 में जली संकल्प की लौ ने अयोध्या को दिलाई वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव के दस वर्षों के सफर को अयोध्या के सांस्कृतिक गौरव की पुनर्स्थापना का स्वर्णिम अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में सरयू तट पर प्रज्वलित संकल्प की एक लौ ने भारतीय संस्कृति के गौरव को वैश्विक पटल पर नई पहचान और प्रतिष्ठा दिलाई। दीपोत्सव का यह दशक केवल दीपों की जगमगाहट और विश्व कीर्तिमानों तक सीमित नहीं रहा। यह प्रभु श्रीराम की नगरी के त्रेतायुगीन वैभव और सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रतीक भी बना है।
योगी ने कहा कि राम की पैड़ी पर प्रज्वलित लाखों दीपों ने अंधकार दूर करने के साथ आस्था, अंत्योदय और स्थानीय स्वावलंबन की नई ज्योति भी जलाई है। यह आयोजन सदियों की प्रतीक्षा को भव्य यथार्थ में बदलने और अयोध्या को उसकी सांस्कृतिक पहचान के साथ पुनः प्रतिष्ठित करने का साक्षी है।
राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे।
सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने।।आज पावन, पुण्यसलिला माँ सरयू की गोद में बसी धर्मनगरी श्री अयोध्या धाम अलौकिक उल्लास, गौरव और भक्ति के महाकुंभ ‘दिव्य दीपोत्सव’ हेतु पूर्ण रूप से सज्जित है।
वर्षों की प्रतीक्षा और करोड़ों सनातनी आस्थाओं का यह पावन प्रतिफल आज पुनः लाखों दीपों की स्वर्णिम आभा बनकर अंधकार पर प्रकाश, सत्य और धर्म की शाश्वत विजय का उद्घोष करने जा रहा है। अवधपुरी का कण-कण आज आह्लादित है, स्पंदित है।
इस दिव्य-भव्य आयोजन की गरिमा बढ़ाने पधार रहे माननीय उपराष्ट्रपति जी, विभिन्न मित्र देशों के सम्मानित राजदूत, उच्चायुक्त, राजनयिक एवं देश-विदेश से पधारे समस्त विशिष्ट अतिथियों, पूज्य साधु-संतों व रामभक्तों का प्रभु श्री राम की पावन जन्मभूमि पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है।
समता, समरसता, सांस्कृतिक एकात्मता और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के इस पावन पर्व में आप सभी का सान्निध्य इस दीपोत्सव को ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बनाएगा।
आइए, धर्म, मर्यादा और आलोक के इस महापर्व के साक्षी बनें।
जय श्री राम!
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) November 7, 2026
प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने की अपील
मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव के इस गौरवशाली दसवें संस्करण पर लोगों से प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रामराज्य ऐसा होना चाहिए जहां विकास का प्रकाश समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे और आस्था, समरसता एवं सेवा की सनातन ज्योति युगों-युगों तक आलोकित होती रहे।






