योगी ने अयोध्या को सौंपा ‘श्री हनुमत कथा मण्डपम’, कहा…बहुत जी लिया पाकिस्तान

अयोध्या, 23 मई 2025:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अयोध्याधाम पहुंचकर श्री हनुमत कथा मण्डपम का लोकार्पण किया। समारोह में उन्हें मुकुट पहनाकर गदा भेंट की गई। सीएम ने अपने सम्बोधन में अयोध्या का खोया गौरव वापस मिलने की बात कही वहीं पाकिस्तान का नाम लेकर कहा कि बहुत जी लिया अब उसके खात्मे का समय आ गया है।
समय रहते मित्र और शत्रु को पहचानना होगा
अयोध्याधाम के रामकथा पार्क स्थित हेलीपैड पर सीएम का उड़नखटोला शुक्रवार की दोपहर उतरा। सीएम ने हनुमान गढ़ी व रामलला मंदिर जाकर दर्शन पूजन किया। श्री हनुमत कथा मण्डपम के लोकार्पण समारोह में हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन महंत प्रेम दास महाराज ने मुख्यमंत्री को चांदी का मुकुट पहनाया और गदा भेंट की। जय श्री राम के उद्घोष से शुरू हुए अपने सम्बोधन में सीएम ने कहा कि हमें समय रहते मित्र और शत्रु को पहचानना होगा। जिस तरह चतुराई और विवेक से हनुमान जी ने कालनेमि को पहचान लिया था।

अयोध्या के गौरव की लहरा रही पताका
2017 से पहले संत देश में यात्रा पर जाते थे, तो लोग सम्मान का भाव नहीं रखते थे। आज कही भी अयोध्या का नाम लेंगे तो लोग आपको सम्मान देंगे। अयोध्या का नाम सुनते ही लोगों में सम्मान आ जाता है। हमने अपने संकल्प को सिद्ध करते हुए अयोध्या को बदलकर रख दिया। अयोध्या को उसका गौरव वापस दिलाया। उन्होंने कहा कि आपको याद होगा कि तरह प्रधानमंत्री ने जिस भव्य मंदिर की आधार शिला रखी थी आज उसकी पताका लहरा रही है
शहीद शशांक को नमन कर आर्थिक सहायता का एलान किया
सीएम ने कहा कि पाकिस्तान अब ज्यादा दिन नहीं टिकेगा। वहां का आतंकवाद ही उसे ले डूबेगा। पाकिस्तान 75 साल बहुत जी लिया और अब उसके खात्मे का समय आ गया है। वह अपने ही कर्मों का फल भुगत रहा है। अयोध्या निवासी लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी की शहादत को नमन करते हुए कहा कि शहीद जवान की स्मृति में स्मारक बनेगा। सरकार परिवार को 50 लाख की सहायता देगी।
मण्डपम की पांच हजार लोगों के बैठने की क्षमता
हनुमानगढ़ी का नवनिर्मित कथा मंडपम के प्रवेश द्वार के शिखर पर हनुमंत लला की दिव्य मूर्ति बनी है। उत्तरी व दक्षिणी कोने में जगतगुरु रामानंदाचार्य की मूर्ति और धनुष बाण बनाए गए हैं। 17 हजार वर्ग फीट में विशाल सभागार एक साथ 5000 लोगों के बैठने का इंतजाम है। हजार वर्ग फीट में मंच बनाया गया है। इसी के पीछे राम दरबार बना है।







