Gorakhpur Fraud Case : बैंक से लाखों का लोन पास, महिला को मशीन मिली न पैसा, दलाल ने बुना जाल, मैनेजर भी फंसे
प्रधानमंत्री रोजगार योजना के नाम पर महिला को लोन दिलाने का दिया था भरोसा, ईएमआई जमा करने के बाद भी नहीं मिला सामान, एफआईआर दर्ज

गोरखपुर, 3 नवंबर 2026:
यूपी के गोरखपुर में रोजगार के लिए बैंक से 8.50 लाख रुपये का लोन लेने वाली एक महिला को न तो मशीन मिली, न ही लोन की रकम का कोई पता चला। महिला ने तत्कालीन बैंक मैनेजर व एक दलाल पर मिलीभगत कर लोन की रकम हड़पने का आरोप लगाया है। इस मामले में कैंट थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
रोजगार दिलाने के नाम पर बैंक तक पहुंचाया
गोरखनाथ थाना क्षेत्र के जमुनहिया बाग टोला चक्सा हुसैन निवासी सलीम की पत्नी सदरून निशा रहती है। उसका कहना है अधियारीबाग उत्तरी निवासी संतोष सोनकर उससे मिला था। संतोष का उनके मोहल्ले में आना-जाना था। उसने प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत कम ब्याज पर लोन दिलाने की बात कही। उसने दावा किया कि पंजाब नेशनल बैंक की मोहद्दीपुर शाखा के मैनेजर आशुतोष कुमार श्रीवास्तव से उसकी पहचान है और वह आसानी से लोन दिलवा सकता है।
8.50 लाख रुपये का लोन कराया स्वीकृत
संतोष ने आधार कार्ड, पैन कार्ड, बिजली बिल समेत जरूरी दस्तावेज लिए। इसके बाद उसे पीएनबी की मोहद्दीपुर शाखा ले जाकर खाता खुलवाया गया। उसके नाम पर तेल निकालने वाली मशीन और मसाला पीसने वाली मशीन खरीदने के लिए 8.50 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराया गया। उस समय बैंक मैनेजर ने बताया था कि लोन की रकम मशीन उपलब्ध कराने वाली कंपनी को भेजी जाएगी। यह फर्म गोलघर में धर्मशाला ओवरब्रिज के पास बताई गई थी। महिला को भरोसा दिया गया कि वहीं से उसे दोनों मशीनें मिल जाएंगी।
ईएमआई जमा करती रही, मशीन का इंतजार खत्म नहीं हुआ
महिला का कहना है कि काफी समय बीतने के बाद भी उसे मशीनें नहीं मिलीं। इस पर उसने संतोष से मशीन या लोन की रकम दिलाने को कहा। आरोप है कि संतोष उसे लगातार भरोसा देता रहा कि वह 9,300 रुपये की मासिक ईएमआई जमा करती रहे, जल्द ही मशीन मिल जाएगी। उसके कहने पर महिला किश्तें जमा करती रही। इसी दौरान संतोष ने महिला से खाली चेक पर हस्ताक्षर भी करा लिए। उसने कहा था कि इससे उसे रुपये दिलाने में मदद मिलेगी।
फर्म ने दस्तावेजों को बताया फर्जी
मशीन नहीं मिलने पर महिला ने बताई गई कंपनी से संपर्क किया। आरोप है कि फर्म की ओर से उसे बताया गया कि उसके पास मौजूद कागजात कंपनी ने जारी नहीं किए हैं। साथ ही कंपनी ने मशीन देने से भी इनकार कर दिया। इसके बाद महिला को लोन की रकम में गड़बड़ी की आशंका हुई। महिला ने तत्कालीन बैंक मैनेजर आशुतोष कुमार श्रीवास्तव, संतोष सोनकर पर मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप लगाया है। उसका दावा है कि लोन स्वीकृत कराकर रकम हड़प ली गई और वो रोजगार शुरू करने का इंतजार ही करती रह गई।
शिकायत करने पर धमकी देने का आरोप
सदरून निशा का आरोप है कि जब उसने संतोष से लोन की रकम और मशीनों के बारे में बात की तो वह गाली-गलौज करने लगा। संतोष ने पुलिस में अपनी पहचान होने की बात कहते हुए कार्रवाई नहीं होने की धमकी दी थी। पुलिस को दी गई तहरीर के आधार पर तत्कालीन बैंक मैनेजर आशुतोष कुमार श्रीवास्तव, संतोष सोनकर के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है।






