‘गुजरात नहीं तो क्या पाकिस्तान जाकर खेलें?’, देर रात तक गरबा पर बोले मंत्री हर्ष संघवी

गुजरात,8 October
गुजरात सरकार ने पिछले साल की तरह इस बार भी देर रात तक गरबा खेलने की अनुमति दी है. शनिवार को गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने अहम घोषणा करते हुए कहा कि गरबा गुजरात की पहचान है. गुजरात के लोग सुबह 5.00 बजे तक भी गरबा खेल सकते हैं. अब सरकार के इस फैसले को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है.
वहीं, इस मुद्दे पर विरोध के बाद गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने पलटवार करते हुए कहा, “देर रात तक गरबा खेलने की छूट मिलने पर कुछ लोगों के पेट में दर्द हो जाता है. हमें गुजरात नहीं तो क्या पाकिस्तान जाकर गरबा खेलना चाहिए?” गांधीनगर में थंगनाट गरबा कार्यक्रम में हर्ष संघवी ने विरोधियों को जवाब देते हुए यह बात कही.
नवरात्रि उत्सव को लेकर कड़ी सुरक्षा
गुजरात में नवरात्रि बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है. ऐसे में नवरात्रि के दौरान नागरिकों विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए गुजरात पुलिस ने सुरत्हैरा की कड़ी व्यव्स्था की है. इस दौरान सभी शहरों और जिलों में कुल 737 टीमें तैनात की गई हैं. टीम पारंपरिक पोशाक में ड्यूटी करेगी. ये टीमें लगातार निगरानी रखेंगी, ताकि किसी भी स्थान पर छेड़छाड़ की घटना न हो और लड़कियां सुरक्षित रूप से गरबा खेल सकें.
इसके अलावा, अगर किसी बहन-बेटी को रात में गरबा खेलने के बाद घर जाने के लिए गाड़ी नहीं मिलती है तो 100 नंबर या 181 नंबर पर कॉल करके उनकी मदद ली जा सकती है. नवरात्रि उत्सव के दौरान सभी शहरों और जिलों में कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के जरिए कड़ी निगरानी की जा रही है. पुलिस के उच्च अधिकारी नजर बनाए हुए हैं.
नवरात्रि के दौरान सभी शहरों और जिलों में 5152 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. शहरी क्षेत्र के साथ-साथ गांवों में होने वाले गरबा के दौरान विशेष निगरानी रखने के लिए जीआरडी के जवानों को भी तैनात किया गया है, ताकि अंदरूनी इलाकों में भी कानून व्यवस्था बनी रहे.






