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पर्यटन मंत्री ने की समीक्षा… ग्लास म्यूजियम, कल्चरल सेंटर व धार्मिक स्थलों के विकास पर दिया जोर

पर्यटन विभाग की प्रमुख परियोजनाओं का हाल जाना, कहा हमारा मकसद सिर्फ इमारत बनाना नहीं बल्कि विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ना है

लखनऊ, 13 जनवरी 2026:

उत्तर प्रदेश में संस्कृति और पर्यटन को नई रफ्तार देने की तैयारी तेज हो गई है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने मंगलवार को पर्यटन भवन सभागार में विभाग की प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में फिरोजाबाद के ग्लास म्यूजियम, मैनपुरी के कल्चरल सेंटर, आर्य गुरुकुल म्यूजियम और सामौर बाबा मंदिर कॉम्प्लेक्स के विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।

मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं का मकसद सिर्फ इमारत बनाना नहीं है, बल्कि प्रदेश की विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ना है। इतिहास, संस्कृति और परंपरा को आधुनिक तरीके से पेश किया जाएगा, ताकि लोग अपने अतीत से जुड़ सकें।

फिरोजाबाद में 70 फीसदी तैयार हुआ ग्लास म्यूजियम

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फिरोजाबाद में बन रहे ग्लास म्यूजियम का करीब 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इस पर 47 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जा रहे हैं। यह देश का पहला ऐसा म्यूजियम होगा, जहां हड़प्पा काल से लेकर यूरोप तक फिरोजाबाद के कांच के सफर को दिखाया जाएगा। म्यूजियम में एआर और वीआर जोन, लाइब्रेरी, डिजिटल गैलरी और प्रोडक्ट गैलरी होंगी। यहां आने वाले लोग कांच बनाने की पूरी प्रक्रिया देख सकेंगे। लाइव ग्लास ब्लोइंग भी आकर्षण का केंद्र रहेगा, जहां कारीगरों को काम करते हुए देखा जा सकेगा। मंत्री ने साफ कहा कि बदलाव जरूरी है, लेकिन सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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शहर के इतिहास से रूबरू होंगे लोग

तीन मंजिला इस म्यूजियम में शहर की विरासत, कला और शिल्प को एक ही छत के नीचे दिखाया जाएगा। ब्रज, वृंदावन, नीम करौरी, बटेश्वर और रपड़ी जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की झलक भी गैलरियों में देखने को मिलेगी। यहां हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में जानकारी दी जाएगी। बच्चों के लिए इंटरैक्टिव जोन होगा और बारकोड स्कैन करके भी म्यूजियम से जुड़ी जानकारी मिल सकेगी।

मैनपुरी कल्चरल सेंटर की डिजाइन का लिया जायजा

मंत्री ने मैनपुरी में बन रहे कल्चरल सेंटर की डिजाइन और क्यूरेशन रिपोर्ट भी देखी। यहां 800 लोगों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम, एग्जीबिशन हॉल, वाच टावर और रिसेप्शन की सुविधा होगी। सेंटर में राजा तेज सिंह का इतिहास, ऋषियों की धरती, वीरों की भूमि, मैनपुरी की कला और संस्कृति, राजपूत शासनकाल और पांचाल क्षेत्र का इतिहास दिखाया जाएगा। महाभारत काल से जुड़ी जानकारियां डिजिटल स्क्रीन के जरिए दिखाई जाएंगी। बच्चों के लिए एआर और वीआर तकनीक के इस्तेमाल पर खास जोर दिया गया है, ताकि वे इतिहास को रोचक तरीके से समझ सकें।

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आर्य गुरुकुल म्यूजियम और सामौर बाबा मंदिर पर भी फोकस

आर्य गुरुकुल म्यूजियम में आर्य समाज की परंपरा, महापुरुषों के विचार और योगदान को आधुनिक तकनीक के जरिए दिखाया जाएगा। यहां डिजिटल वॉल, लाइब्रेरी और एआर-वीआर सुविधाएं होंगी। सामौर बाबा मंदिर कॉम्प्लेक्स में बढ़ती भीड़ को देखते हुए पार्किंग, वाटर फाउंटेन, साइनेज और बैठने की बेहतर व्यवस्था की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को सहूलियत मिले।

नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने की कोशिश

जयवीर सिंह ने कहा कि सरकार चाहती है कि आने वाली पीढ़ी प्रदेश के गौरवशाली इतिहास को सिर्फ किताबों में नहीं, बल्कि जीवंत रूप में देखे और समझे। आधुनिक तकनीक के जरिए विरासत को लोगों के दिल से जोड़ने का काम किया जा रहा है। बैठक में पर्यटन महानिदेशक वेदपति मिश्रा, यूपीएसटीडीसी के एमडी आशीष कुमार, मंत्री के सलाहकार जेपी सिंह, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अंजू चौधरी और संस्कृति विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

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