योगेंद्र मलिक
देहरादून, 28 जनवरी, 2026:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज मंत्रिमंडल की अहम बैठक हुई। इसमें राज्य से जुड़े कुल 8 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कैबिनेट के फैसलों की विस्तृत जानकारी दी। आइए विस्तार से जानते हैं ये अहम फैसले…
स्वास्थ्य और राजस्व विभाग को राहत
कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एएनएम के लिए बड़ा फैसला लिया है। जिन एएनएम की सेवा अवधि 5 साल पूरी हो चुकी है, वे अब आपसी सहमति से एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरण करा सकेंगी। वहीं राजस्व विभाग में भूमि अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए आपसी समझौते के आधार पर नई व्यवस्था लागू करने को मंजूरी दी गई है।
जनजाति कल्याण और शिक्षा क्षेत्र में सुधार
जनजाति कल्याण विभाग में नए पदों के सृजन को कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है। इसके साथ ही विभाग की पुरानी नियमावली में भी जरूरी संशोधन किए गए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए GRD कॉलेज को उत्तराखंड विश्वविद्यालय का दर्जा देने की अनुमति भी प्रदान की गई है।
भूजल संरक्षण और हरित नीति पर जोर
राज्य में भूजल के अत्यधिक दोहन को रोकने के लिए नई नियमावली को मंजूरी दी गई है। इसके तहत व्यवसायिक उपयोग के लिए दरें तय की गई हैं और रजिस्ट्रेशन शुल्क 5 हजार रुपये रखा गया है। इसके अलावा ग्रीन हाइड्रोजन नीति के तहत हरित नीति को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है। सब्सिडी तय करने के लिए एक समिति बनाई जाएगी, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे।
हवाई पट्टी और औद्योगिक भूमि पर फैसला
कैबिनेट ने चिन्यालीसौड़ और गोचर हवाई पट्टियों के संचालन को लेकर अहम निर्णय लिया है। अब इन हवाई पट्टियों का संचालन केंद्र और राज्य सरकार की ओर से रक्षा मंत्रालय को सौंपा जाएगा। वहीं उधम सिंह नगर स्थित पराग फर्म की भूमि, जो पहले सिडकुल को दी गई थी, अब सिडकुल को अपनी जमीन सब लीज पर देने की अनुमति मिल गई है।
विकास की दिशा में अहम कदम
कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य के प्रशासनिक सुधार, औद्योगिक विस्तार और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इन निर्णयों से रोजगार, निवेश और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।






