योगेंद्र मलिक
देहरादून, 15 मई 2026:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद उत्तराखंड में न्यायपालिका और सूचना विभाग ने नई पहल शुरू की है। उत्तराखंड हाई कोर्ट में शुक्रवार से ‘सुरक्षित ईंधन सुरक्षित जीवन’ अभियान की शुरुआत हुई, वहीं सूचना विभाग ने हर शनिवार को नो व्हीकल डे मनाने का फैसला किया है।
हाई कोर्ट में शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता, वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी समेत अन्य न्यायाधीश, न्यायिक अधिकारी और कर्मचारी अपने आवासों से पैदल चलकर कोर्ट पहुंचे। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) की ओर से शुरू किए गए इस अभियान का मकसद निजी वाहनों के बजाय पैदल चलने, साइकिल चलाने और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। रजिस्ट्रार जनरल योगेश कुमार गुप्ता, सालसा के सदस्य सचिव प्रदीप मणि त्रिपाठी और कई अधिकारी-कर्मचारी भी पैदल कार्यालय पहुंचे। इस दौरान लोगों को ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

हाई कोर्ट प्रशासन ने दूर-दराज से आने वाले अधिवक्ताओं से कहा है कि वे जहां संभव हो, वर्चुअल माध्यम से कार्यवाही में शामिल हों ताकि अनावश्यक यात्रा कम हो और ईंधन की खपत घटे। यह अभियान 15 मई से कम से कम एक माह तक चलेगा। हर सोमवार और शनिवार को न्यायिक व्यवस्था से जुड़े सभी लोगों को निजी वाहन का इस्तेमाल न करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
दूसरी ओर, सूचना विभाग में महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने शासन के निर्देशों के तहत प्रत्येक शनिवार को नो व्हीकल डे लागू करने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालय आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन, साइकिल या पैदल आने की अपील की है। बंशीधर तिवारी ने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं। उनके मुताबिक इस पहल से ईंधन की बचत होगी, कार्बन उत्सर्जन घटेगा और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी। विभाग जल्द ही कर्मचारियों के लिए व्यवहारिक दिशा-निर्देश और वैकल्पिक आवागमन से जुड़े सुझाव भी जारी करेगा।






