Ayodhya

अयोध्या में कूड़ा कलेक्शन पर बवाल… पार्षदों ने खोला मोर्चा, फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की मांग

सफाई व्यवस्था में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए कई पार्षद जोनल कार्यालय पर धरने पर बैठे, रामपथ की सफाई के नाम पर गलत भुगतान, बंद पड़ी मशीनों और कर्मचारियों की कमी को लेकर नगर निगम प्रशासन को घेरा

अनिल निषाद

अयोध्या, 1 जून 2026:

रामनगरी अयोध्या में नगर निगम की डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था को लेकर विवाद गहरा गया है। सफाई व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अशोक सिंघल नगर वार्ड के पार्षद अंकित त्रिपाठी समेत कई पार्षद नगर निगम के जोनल कार्यालय पर धरने पर बैठ गए। पार्षदों ने नगर आयुक्त को पत्र भेजकर संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है।

धरने पर बैठे पार्षदों का आरोप है कि कूड़ा कलेक्शन और सफाई व्यवस्था में लगातार लापरवाही बरती जा रही है। उनका कहना है कि सफाई कर्मचारी महीने में कई दिनों तक धरने पर रहते हैं, जिससे क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है। साथ ही विभिन्न वार्डों में लगाए गए ठेले और डस्टबिन भी टूटे-फूटे हाल में पड़े हैं।

पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली स्वीपिंग मशीनें लंबे समय से बंद पड़ी हैं, बावजूद इसके संबंधित फर्म को नियमित भुगतान किया जा रहा है। उनका कहना है कि जमीनी हकीकत और भुगतान के दावों में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।

धरना दे रहे जनप्रतिनिधियों ने रामपथ की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि नयाघाट से सहादतगंज तक करीब 15 किलोमीटर लंबे मार्ग की सफाई के बदले 28 किलोमीटर का कार्य दर्शाकर भुगतान लिया जा रहा है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।

पार्षदों ने स्वच्छ भारत मिशन के मानकों का हवाला देते हुए कहा कि प्रत्येक 700 मीटर पर एक सफाई कर्मचारी की तैनाती होनी चाहिए। इस हिसाब से रामपथ पर करीब 50 कर्मचारियों की जरूरत है, लेकिन मौके पर इतनी संख्या में कर्मचारी दिखाई नहीं देते। उधर, अपर नगर आयुक्त भरत भार्गव ने बताया कि पार्षदों की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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