Uttarakhand

फर्जी लाइसेंस पर खरीदे गए हथियार… उत्तराखण्ड में शस्त्र घोटाले की परतें खुलीं, एक्शन में STF

दो महीने की जांच में कई लाइसेंस रिकॉर्ड से गायब मिले, कुछ के नंबर दूसरे लोगों के नाम पर दर्ज पाए गए, ऊधमसिंहनगर में फर्जी दस्तावेजों के जरिए हथियार खरीदने का मामला सामने आने के बाद एसटीएफ ने हजारों लाइसेंसों का सत्यापन तेज किया

योगेंद्र मलिक

देहरादून, 5 जून 2026:

उत्तराखण्ड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने के बाद स्पेशल टास्क फोर्स ने बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर प्रदेश की पंजिकाओं में दर्ज हजारों लाइसेंसों की जांच तेज कर दी है। शुरुआती पड़ताल में कई लाइसेंस संदिग्ध मिले हैं, जबकि कुछ मामलों में फर्जीवाड़े के पुख्ता सबूत भी सामने आए हैं।

एसटीएफ को मिली गोपनीय सूचनाओं के बाद पिछले दो महीनों से विभिन्न राज्यों के जिलाधिकारी कार्यालयों और शस्त्र लाइसेंस जारी करने वाली एजेंसियों से रिकॉर्ड मंगाकर सत्यापन कराया जा रहा है। जांच की अगुवाई कर रहे एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि कई लाइसेंसों के दस्तावेजों में गंभीर गड़बड़ियां मिली हैं। अब तक दो मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पहले की कार्रवाई में एक आरोपी के पास से फर्जी लाइसेंसों के साथ अवैध सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और कारतूस भी बरामद हुए थे।

जांच के दौरान ऊधमसिंहनगर का एक मामला खास तौर पर सामने आया। एसटीएफ के मुताबिक नौशाद हुसैन समेत 10 लोगों ने शाहजहांपुर से जारी बताए गए शस्त्र लाइसेंसों के आधार पर काशीपुर के एक गन हाउस से हथियार खरीदे थे। जब इन लाइसेंसों का रिकॉर्ड शाहजहांपुर जिलाधिकारी कार्यालय से मिलान कराया गया तो पता चला कि संबंधित लोगों के नाम पर कोई लाइसेंस जारी ही नहीं हुआ था।

जांच में यह भी सामने आया कि कई लाइसेंस नंबर सरकारी रिकॉर्ड में दूसरे व्यक्तियों के नाम पर दर्ज थे। इससे साफ हुआ कि प्रस्तुत किए गए दस्तावेज कूटरचित थे। एसटीएफ के अनुसार आरोपियों ने आधार कार्ड समेत अन्य पहचान पत्रों में शाहजहांपुर का पता दर्शाकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए और उन्हीं के सहारे हथियार हासिल किए।

जांच एजेंसियां अब केवल लाइसेंस धारकों तक सीमित नहीं हैं। एसटीएफ इस पूरे नेटवर्क से जुड़े एजेंटों, बिचौलियों और अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि बाहरी राज्यों से उत्तराखण्ड में स्थानांतरित किए गए हजारों लाइसेंसों का सत्यापन लगातार जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई होगी।

एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस केवल कानूनी उल्लंघन नहीं हैं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती हैं। इसी वजह से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है।

एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास फर्जी या संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस से जुड़ी जानकारी हो तो वह तुरंत सूचना दें। सूचनाकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसके लिए एसटीएफ ने अपना हेल्पलाइन मोबाइल नंबर 9412029536 भी जारी किया है।

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