Gorakhpur

थाने के मालखाने में जमा था फायरिंग केस का एविडेंस… पिस्टल व कारतूस लापता, उलझी पहेली

फॉरेंसिक जांच के बाद थाने लौटाया गया था असलहा और कारतूस, मालखाना रजिस्टर में दर्ज है सुपुर्दगी की इंट्री, चार्ज हस्तांतरण के दौरान नहीं मिला सामान, जांच में तत्कालीन मालखाना प्रभारी की जिम्मेदारी तय हुई, 2018 के फायरिंग मामले का अहम साक्ष्य था बरामद असलहा, सेवानिवृत्त हेड कांस्टेबल पर केस दर्ज

गोरखपुर, 8 जून 2026:

सहजनवा थाने के मालखाने से एक पिस्टल और कारतूस लापता होने का मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। मामले की जांच में लापरवाही सामने आने पर पुलिस ने तत्कालीन मालखाना प्रभारी रहे सेवानिवृत्त मुख्य आरक्षी दीनानाथ पाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक वर्ष 2018 में नगर पंचायत सहजनवा के वार्ड नंबर 10 लुचुई में दो पक्षों के बीच हुए विवाद के दौरान फायरिंग का आरोप लगा था। इस मामले में दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से एक पिस्टल और कारतूस बरामद किया था। बरामद असलहा को कानूनी प्रक्रिया के तहत फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था।

फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद 25 मई 2019 को पिस्टल और कारतूस वापस सहजनवा थाने भेजे गए। अभिलेखों के अनुसार विशेष वाहक कमलेश कुमार ने यह सामान तत्कालीन दीवान दीनानाथ पाल को सुपुर्द किया था। इसकी प्रविष्टि मालखाना रजिस्टर में भी दर्ज की गई थी।

बाद में मालखाने का चार्ज हस्तांतरित किए जाने के दौरान संबंधित पिस्टल और कारतूस नहीं मिले। इसके बाद पूरे मामले की जांच कराई गई। जांच में तत्कालीन मालखाना प्रभारी दीनानाथ पाल की जिम्मेदारी तय की गई। थानाध्यक्ष संजय कुमार मिश्र की तहरीर पर दीनानाथ पाल निवासी रक्शा, थाना लालगंज, जनपद बस्ती के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

2018 के फायरिंग केस का था अहम साक्ष्य

वर्ष 2018 में लुचुई निवासी सत्यप्रकाश यादव ने कुछ लोगों पर विवाद के दौरान फायरिंग करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी थी। इस मामले में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर सर्वशक्ति यादव, शक्ति यादव और निखिल यादव के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।

विवेचना के दौरान तत्कालीन थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश सिंह ने आरोपितों के कब्जे से पिस्टल और कारतूस बरामद किया था। बाद में इसी असलहे को जांच के लिए फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजा गया। चार्जशीट दाखिल होने के बाद भी यह असलहा न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में दर्ज था।

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