UP POLITICS : दिल्ली में कांग्रेस की रैली में पहुंचे अखिलेश, राजभर ने पूछा- अपनी पार्टी के लिए इतनी मेहनत क्यों नहीं?
Om Prakash Rajbhar : सिख विरोधी दंगों की बरसी पर कांग्रेस को घेरा, राहुल गांधी को बताया अखिलेश का बड़का भइया, शिवपाल की इज्जत का भी दिलाया ध्यान

लखनऊ, 1 नवंबर 2026:
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कांग्रेस के साथ उनकी नजदीकी को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने एक नवंबर 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी का जिक्र करते हुए अखिलेश पर तंज कसा। राजभर ने कहा कि जिस दिन को मुलायम सिंह यादव शोक के रूप में याद करते थे, उसी दिन अखिलेश यादव दिल्ली में राहुल गांधी के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी को अखिलेश का बड़का भइया बताते हुए कहा कि सपा अध्यक्ष अपने पिता की राजनीतिक विरासत को भूल गए हैं।
सिख दंगों की बरसी पर कांग्रेस को घेरा
राजभर ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के शासनकाल में दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा हुई थी। इन दंगों में हजारों लोगों की जान गई थी। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव इस दिन को शोक के तौर पर याद करते थे, लेकिन अखिलेश यादव उसी दिन कांग्रेस के साथ राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने दिल्ली पहुंच गए।
कांग्रेस के लिए झंडा उठाने पर कसा तंज
दिल्ली में इंडी गठबंधन की रैली को लेकर भी राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश कांग्रेस के लिए झंडा उठाने, दरी बिछाने का काम कर रहे हैं। राजभर ने उनकी पुरानी तस्वीर का जिक्र करते हुए कहा कि पहले भी अखिलेश राहुल गांधी का झंडा लेकर चलते दिखाई दिए थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इतनी मेहनत अगर अखिलेश ने अपनी पार्टी के लिए की होती तो समाजवादी पार्टी की स्थिति आज कुछ और होती।
अखिलेश यादव जी,
याद है आपको? आज ही के दिन 1 नवंबर 1984 को आपके ‘बड़के भइया’ के पिता जी के इशारे पर दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में बड़े पैमाने पर सिख-विरोधी हिंसा और दंगे भड़क उठे थे। हजारों की संख्या में सिख भाइयों की कांग्रेसियों ने हत्या की थी।
इस दुख भरे दिन के लिए मेरी संवेदनाएं सिख समाज के लोगों के साथ हैं। स्वर्गीय मुलायम सिंह जी भी इस दिन को शोक के रूप में मनाते थे। अखिलेश भाई क्या आपने अपने पिता की परंपरा को ध्यान में रखने की कोशिश की?
हद कर दिए हैं, एक इशारे पर सारी संवेदना भूल आधी रात दिल्ली में ‘बड़के भइया’ की सेवा में लग गए।
अराजकता फैलाने के लिए दिल्ली में बुलाई गई रैली में झंडा उठाने-दरी बिछाने के लिए आप दिल्ली पहुंच गए हैं। पहले भी आपकी एक फोटो आई थी जब आप उनका झंडा ढो रहे थे। इतनी मेहनत अपनी पार्टी की लिए किए होते तो आज सपा कुछ और होती।
आप खुद को कृष्णवंशी कहते है, कुछ तो लाज रखिए अपने पिता स्वर्गीय श्री मुलायम सिंह जी की, कुछ तो इज्जत रखिए चाचा श्री शिवपाल जी की।
इतना दबकर भी कोई राजनीति करता है क्या? जरा सोचिएगा।
जय भारत, जय श्रीराम, जय श्रीकृष्ण, जय परशुराम, जय महाराज सुहेलदेव।
@yadavakhilesh
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) November 1, 2026
शिवपाल की इज्जत का भी दिलाया ध्यान
अखिलेश यादव के कृष्णवंशी होने के दावे पर भी राजभर ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश को अपने पिता मुलायम सिंह यादव की परंपरा का ख्याल रखना चाहिए। चाचा शिवपाल सिंह यादव की इज्जत का भी ध्यान रखना चाहिए। राजभर ने सवाल उठाया कि आखिर इतने दबाव में रहकर कोई नेता राजनीति कैसे कर सकता है।






