
अनिल निषाद
अयोध्या, 25 सितंबर 2026ः
यूपी के अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण की जद में आए मकानों व दुकानों को प्रशासन ने बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया था। इससे प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए नगर निगम ने योजना तैयार की है। शुक्रवार को महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी पीड़ितों से मिले और उनकी समस्या सुनी। महापौर और नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन नजूल की जमीन चिह्नित कर नगर निगम को उपलब्ध कराएगा। इसके बाद वहां वेंडिंग जोन बनाकर दुकानें बनाई जाएंगी और प्रभावितों को दी जाएंगी। वहीं, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता विस्थापित परिवारों से मिले और उनकी बात सुनी। इसके बाद परिवारों को मुआवजा दिया गया।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार इस व्यवस्था से चौड़ीकरण की कार्रवाई से प्रभावित लोगों को दोबारा कारोबार शुरू करने के लिए स्थान उपलब्ध कराया जा सकेगा। महापौर ने नाका पहुंचकर प्रभावित लोगों से मुलाकात की और बारिश को देखते हुए तत्काल अस्थायी शेड बनाए जाने के निर्देश दिए। वहीं, 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर विपक्ष के निशाना साधने पर उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम पथ, धर्म पथ, राम जन्मभूमि पथ, पंचकोसी परिक्रमा मार्ग और 14 कोसी परिक्रमा मार्ग सहित विभिन्न परियोजनाओं के लिए जमीन सहमति के आधार पर ली गई है।

नगर निगम का कहना है कि 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का कार्य लगभग पूरा होने वाला है। ऐसे में प्रभावित लोगों के लिए वेंडिंग जोन और दुकानों की व्यवस्था को पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। उधर कलेक्ट्रेट सभागार में विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने प्रभावित परिवारों के साथ बैठक की। बैठक में विधायक और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने प्रभावित लोगों की समस्याएं सुनीं। मुआवजा मिलने और दुकानों के पुनर्व्यवस्थापन के आश्वासन के बाद पीड़ितों ने संतोष जताया।






