रामपुर, 16 मई 2026:
पूर्व मंत्री व समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने शनिवार को उनको एक विवादित बयान के मामले में दो साल के कारावास की सजा सुनाई है। फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
आज़म खान ने 2019 के लोकसभा चुनाव में एक विवादित बयान दिया था। आरोप है कि चुनाव प्रचार के दौरान आयोजित एक सभा में उन्होंने तत्कालीन डीएम पर अभद्र टिप्पणी की थी। कहा था, ‘सब डटे रहो, यह कलेक्टर पलेक्टर से मत डरियो, यह तनखैया है और तनखैयों से नहीं डरते, देखे हैं कई मायावती के फोटो, कैसे बड़े-बड़े अफसर रुमाल निकालकर जूते साफ कर रहे हैं, उन्हीं से गठबंधन है, उन्हीं के जूते साफ कराऊंगा इनसे, अल्लाह ने चाहा।’
सपा नेता के इस बयान के बाद अधिकारियों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बाद भोट थाने में आज़म खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में कई गवाहों के बयान दर्ज कराए।
अभियोजन पक्ष ने कहा कि आज़म खान ने सार्वजनिक मंच से सरकारी अधिकारी पर अपमानजनक भाषा का उपयोग किया, जो एक अपराध है। लंबी सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीले सुनने के बाद कोर्ट ने आज़म खान को दोषी करार दिया। कोर्ट ने आजम खान को दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
आजम खान इस समय 100 से ज्यादा मामलों का सामना कर रहे है। अभी तक उनको 11 मामलों में राहत मिल चुकी है। वहीं, 6 मामलों में उन्हें सजा सुनाई जा चुकी है। अभी आजम खान अपने बेटे अब्दुल्लाह आजम खान के साथ जेल में बंद हैं।






