
संदीप पटेल
बाराबंकी, 27 सितंबर 2026:
यूपी के बाराबंकी में बारिश और तेज हवाओं ने पिछले दो दिनों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि आठ लोग घायल हुए हैं। जिले में 217 पेड़ गिरने के साथ 55 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। पांच पशुहानि की भी सूचना है। तेज हवा से 210 बिजली के पोल क्षतिग्रस्त होने के बाद कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पर असर पड़ा है। प्रशासन के मुताबिक गिरे सभी पेड़ों को रास्तों से हटवा दिया गया है।
सरयू के जलस्तर ने भी बढ़ाई चिंता, एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से ऊपर पानी
रविवार सुबह 8 बजे एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 106.140 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 106.070 मीटर है, यानी पानी खतरे के निशान से 0.07 मीटर ऊपर पहुंच गया है। जलस्तर अभी बढ़ रहा है। आंकड़ों के मुताबिक गिरिजा बैराज से 2,29,667 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,46,172 क्यूसेक, सरयू बैराज से 21,186 क्यूसेक और सुहेली बैराज से 12,267 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। नदी का जलस्तर बढ़ने के चलते हेतमापुर समेत आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है।

हेतमापुर में कटान पर नजर, राहत की तैयारी
रामनगर क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से कटान भी तेज हो गई है। एडीएम निरंकार सिंह ने रविवार को हेतमापुर पहुंचकर हालात देखे। उन्होंने बाढ़ खंड के अधिकारियों को कटान रोकने के लिए मौके पर काम तेज करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से राहत-बचाव की जानकारी ली। उन्होंने जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन लगाने को कहा।
बारिश से तीन मौतें, रामसनेहीघाट, रामनगर और फतेहपुर में हादसे
प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक बारिश से जुड़े हादसों में रामसनेहीघाट, रामनगर और फतेहपुर तहसील क्षेत्र में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। आठ लोग घायल हुए हैं। जनहानि, पशुहानि और मकानों को हुए नुकसान का सर्वे पूरा कर लिया गया है। प्रभावित परिवारों को सहायता देने की प्रक्रिया तहसील स्तर पर चल रही है।
217 पेड़ गिरे, सभी रास्तों से हटाए गए
तेज हवा और बारिश के बीच जिले के ग्रामीण और शहरी इलाकों में 217 पेड़ गिरने की सूचना मिली। इससे कई रास्तों पर आवागमन प्रभावित हुआ। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमों ने पेड़ों को हटाकर रास्ते खोल दिए हैं। प्रशासन के अनुसार फिलहाल गिरे पेड़ों की वजह से प्रमुख मार्गों पर आवागमन बहाल कर दिया गया है।

210 बिजली के पोल टूटे, आपूर्ति बहाल करने का काम जारी
बारिश और तेज हवाओं से जिले में 210 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई जगह बिजली की लाइनें भी प्रभावित हुई हैं। बिजली विभाग की टीमें पोल और लाइनों की मरम्मत में जुटी हैं। प्रभावित इलाकों में आपूर्ति बहाल करने के लिए काम चल रहा है।
धान की फसल पर भी बारिश की मार
लगातार बारिश से कई इलाकों के खेतों में पानी भर गया है। तैयार धान की फसल गिरने की भी जानकारी सामने आई है। प्रशासन ने फसल नुकसान का आकलन कराने के लिए राजस्व और कृषि विभाग की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। सर्वे के बाद पात्र किसानों को नियम के मुताबिक मिलने वाली सहायता की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
जिला मुख्यालय पर बना कंट्रोल रूम
मौसम को देखते हुए लोगों से टूटे बिजली के पोल, तार और गिरे पेड़ों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है। किसी रास्ते पर पेड़ गिरने या खतरा पैदा होने की स्थिति में खुद उसे हटाने के बजाय संबंधित विभाग को सूचना देने की अपील की गई है। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के नंबर 05248-226017 और 9454418880 पर भी सूचना दी जा सकती है।
वन विभाग ने की ये अपील, जारी किए संपर्क नंबर
वन विभाग ने भी लोगों से अपील की है कि आंधी-तूफान या तेज बारिश में कहीं पेड़ गिरने, सड़क बाधित होने या पेड़ से खतरा होने की स्थिति में खुद उसे हटाने का प्रयास न करें और वन विभाग को सूचना दें। इसके लिए वन विभाग कंट्रोल रूम के मुख्य नंबर 05248-351161 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा बाराबंकी रेंज के 7839435326 और 7839434341, देवा रेंज के 7839434340, रामनगर रेंज के 7839434339, हैदरगढ़ रेंज के 7839434338, रामसनेहीघाट रेंज के 7839434337, हरख रेंज के 7839434336 और फतेहपुर रेंज के 7839434335 नंबर जारी किए गए हैं।






