
बाराबंकी, 28 सितंबर 2026:
यूपी के बाराबंकी में सरयू नदी में उफान के बाद तराई में तबाही व भारी बारिश से प्रभावित किसानों को राहत दिलाने की मांग तेज हो गई है। इस मुद्दे को लेकर जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के नेताओं ने पहल करते हुए कलेक्ट्रेट की ओर रुख किया।।इस दौरान उन्होंने नुकसान और तराई क्षेत्र का हाल बताकर अपनी मांगों का एक ज्ञापन भी सौंपा।
डीएम से सर्वे कराने की मांग
पार्टी के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बाबी, प्रधान महासचिव अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह, जिला मीडिया प्रभारी प्रमोद राठौर और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष इम्तियाज राइन ने किसानों की फसल क्षति का तत्काल सर्वे कराने की मांग की। नेताओं ने कहा कि सर्वे निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराया जाए, जिससे वास्तविक नुकसान का आकलन हो सके।
मुआवजे के साथ बीज-खाद की मांग
नेताओं ने प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा और राहत राशि जल्द दिलाने की मांग की। आगामी फसल की तैयारी के लिए किसानों को प्रमाणित बीज और जरूरी खाद उपलब्ध कराने की बात भी रखी। जलभराव वाले इलाकों में पानी निकालने की व्यवस्था करने की मांग की गई, जिससे खेतों में लंबे समय तक पानी जमा न रहे।
कमजोर किसानों को प्राथमिकता
नेताओं ने कहा कि भारी बारिश से जिन किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है और जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उन्हें राहत देने में प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि किसानों ने महीनों की मेहनत के साथ अपनी पूंजी और संसाधन लगाकर फसल तैयार की थी, ऐसे में नुकसान के बाद समय पर सरकारी मदद जरूरी है।
मनोज सिंह बोले, समयबद्ध मिले राहत
प्रधान महासचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से फसल बर्बाद होने के बाद प्रभावित किसानों को राहत मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारी से संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर फसल नुकसान का सर्वे कराने और पात्र किसानों तक सहायता पहुंचाने की मांग की।






