
बस्ती, 30 अगस्त 2026:
यूपी के बस्ती जिले में वाल्टरगंज थाने के प्रभारी सूर्यप्रकाश सिंह ने शनिवार को अपने सरकारी आवास में फंदे से लटककर जान दे दी। 57 वर्षीय सूर्यप्रकाश सिंह कुछ घंटे पहले तक थाने में मौजूद थे। उन्होंने स्टाफ मीटिंग की थी, इसके बाद सरकारी वाहन से शहर स्थित अपने आवास पहुंचे थे। उनकी मौत की वजह अभी साफ नहीं हो सकी है।

डीएम आफिस के पास आवास में मिला शव
सूर्यप्रकाश सिंह डीएम कार्यालय के पास स्थित सरकारी आवास में रहते थे। शनिवार शाम उनके कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। सूचना पर पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने भी जांच की। पुलिस के मुताबिक, कमरे से कोई Suicide Note नहीं मिला है। DIG संजीव त्यागी ने बताया कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। पुलिस सूर्यप्रकाश सिंह की हाल की गतिविधियों व परिस्थितियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
थाने में सुबह ली थी मीटिंग
सूर्यप्रकाश सिंह शनिवार सुबह करीब 10 बजे वाल्टरगंज थाने पहुंचे थे। उन्होंने स्टाफ के साथ बैठक की। पुलिसकर्मियों को रोज की तरह काम से जुड़े निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने थाने का जरूरी काम निपटाया। शाम से पहले वह सरकारी वाहन से बस्ती शहर की तरफ चले गए। अपने हमराहियों को सिविल लाइन पुलिस चौकी पर रुकने के लिए कहा, फिर डीएम कार्यालय के पास स्थित आवास चले गए। कुछ देर बाद वहां उनके साथी उपनिरीक्षक बलराम पहुंचे तो उनकी मौत की जानकारी सामने आई।

परिवार को वजह की जानकारी नहीं
सूर्यप्रकाश सिंह का परिवार भी उनके साथ रहता था। रक्षाबंधन से पहले परिवार लखनऊ स्थित आवास पर चला गया था। उन्होंने रक्षाबंधन के मौके पर छुट्टी नहीं ली थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोग देर रात लखनऊ से बस्ती पहुंचे, लेकिन वे भी यह नहीं बता सके कि सूर्यप्रकाश सिंह ने ऐसा कदम क्यों उठाया। उनकी तीन संतानें हैं, जिनमें दो बेटियां व एक बेटा है। एक बेटी व बेटे की शादी हो चुकी है। परिवार को घटना की जानकारी देने की जिम्मेदारी साथी पुलिसकर्मियों के लिए भी बेहद मुश्किल रही। बेटी लगातार फोन कर पिता की सलामती के बारे में पूछ रही थी।
थानाध्यक्ष वाल्टरगंज के मृत्यु के संबंध में श्रीमान् डीआईजी बस्ती द्वारा दी गई बाइट। pic.twitter.com/Nc729cI4CK
— BASTI POLICE (@bastipolice) August 29, 2026
पहली बार थाने की कमान मिली थी
सूर्यप्रकाश सिंह आजमगढ़ जिले के अतरौलिया क्षेत्र के भीलमपुर छपरा गांव के रहने वाले थे। वह 15 फरवरी 1988 को पुलिस विभाग में आरक्षी के पद पर भर्ती हुए थे। सात सितंबर 2008 को हेड कांस्टेबल बने। 11 नवंबर 2016 को वरिष्ठता सूची के आधार पर उपनिरीक्षक पद पर प्रमोशन मिला। सिद्धार्थनगर से ट्रांसफर होकर बस्ती आने के बाद उनकी पहली तैनाती पासपोर्ट कार्यालय में हुई थी। इसके बाद उन्हें एसपी का PRO बनाया गया। काम करने के तरीके को देखते हुए बाद में उन्हें वाल्टरगंज थाने की जिम्मेदारी दी गई। बस्ती में यह उनकी पहली थाना प्रभारी की पोस्टिंग थी।






