
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 31 जुलाई 2026ः
समग्र शिक्षा अभियान के तहत केंद्र से मिले बजट का उपयोग न होने पर उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में बजट खर्च में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा कि इसके लिए जो भी अधिकारी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने अपने आवास पर आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में समग्र शिक्षा की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति जानी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र और राज्य सरकार से स्वीकृत धनराशि का निर्धारित समय सीमा में पूरा उपयोग किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर विद्यार्थियों तक पहुंच सके। डॉ. रावत ने शिक्षकों की लंबित पदोन्नति और वार्षिक स्थानांतरण प्रक्रिया में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानांतरण के पात्र शिक्षकों की प्रक्रिया भी समय से पूरी की जाए। मंत्री ने हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा पीएम-पोषण और समग्र शिक्षा अभियान को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में लिए गए निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने बताया कि 8 और 9 अगस्त को देहरादून में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और डायट प्राचार्य भाग लेंगे। कार्यशाला में समग्र शिक्षा के तहत किए गए नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों का प्रस्तुतीकरण भी किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा को आईसीटी लैब, वर्चुअल क्लास, स्मार्ट क्लास समेत समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित सभी प्रमुख परियोजनाओं का सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
उनका कहना था कि पूरी हो चुकी योजनाओं का जल्द औपचारिक शुभारंभ किया जाए, ताकि उनका लाभ विद्यार्थियों को मिल सके। इसके अलावा उन्होंने राज्य के 200 विद्यालयों में संचालित व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को जारी रखने के लिए नई संस्था के चयन तक पुरानी संस्था से ही कार्य कराने के निर्देश दिए, जिससे बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा ज्योति यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा आकांक्षा कोंडे, निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनोद कुमार सिमल्टी सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






