
लखनऊ, 10 सितंबर 2026:
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री आजम खां की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। यूपी की राजधानी लखनऊ में राज्य हज समिति की कीमती जमीन की बिक्री में अनियमितताओं के मामले में विजिलेंस ने आजम खां समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि हज समिति के तत्कालीन अध्यक्ष आजम खां और अन्य आरोपियों ने पद का दुरुपयोग करते हुए निजी फर्म आमिश डेवलपर्स को फायदा पहुंचाने के लिए जमीन की बिक्री में निर्धारित नियमों की अनदेखी की। विजिलेंस जांच में समिति को 2 करोड़ 8 लाख 95 हजार रुपये की राजस्व क्षति होने की बात सामने आई है।
मामला लखनऊ के ऐशबाग क्षेत्र के कायमखेड़ा (दुगांवा) स्थित हज समिति की करीब 60 हजार वर्गफीट जमीन से जुड़ा है। यह जमीन खसरा संख्या-117 में स्थित थी। आरोप है कि इसके बैनामे में नियमों का पालन नहीं किया गया। निजी फर्म के हित में प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। इस मामले में आजम खां के अलावा तत्कालीन सचिव लईक अहमद और डॉ. एमएए खान को आरोपी बनाया गया है। आमिश डेवलपर्स के प्रोपराइटर मोहम्मद अयूब और मुस्तकीम अहमद भी एफआईआर में नामजद हैं।

विजिलेंस का आरोप है कि इन सभी की भूमिका जमीन की बिक्री में नियमों की अनदेखी और निजी फर्म को लाभ पहुंचाने में रही। मामले की शिकायत मिलने के बाद शासन के सतर्कता विभाग ने जांच के आदेश दिए थे। जांच के दौरान विजिलेंस ने जमीन की बिक्री से जुड़े दस्तावेजों और प्रक्रिया की पड़ताल की। इसमें सामने आया कि जमीन को आमिश डेवलपर्स के पक्ष में बैनामा कराने के दौरान निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया। जांच में समिति को हुए राजस्व नुकसान की भी पुष्टि हुई।
विजिलेंस लखनऊ सेक्टर में इंस्पेक्टर ध्रुव चंद्र मौर्य की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है। इसके साथ ही हज समिति की जमीन की बिक्री से जुड़ा यह मामला अब औपचारिक आपराधिक जांच के चरण में पहुंच गया है। विजिलेंस अब आरोपियों की भूमिका, जमीन बिक्री की पूरी प्रक्रिया और कथित राजस्व नुकसान से जुड़े पहलुओं की विस्तृत विवेचना करेगी।






