Uttarakhand

बर्फीली चोटी पर सेना का बड़ा मिशन, 7,120 मीटर ऊंचे माउंट त्रिशूल के लिए जवानों की टीम रवाना

माउंट त्रिशूल Expedition के लिए बंगाल इंजीनियर ग्रुप एंड सेंटर रुड़की से टीम रवाना, कठिन चढ़ाई, बर्फीले रास्ते व बदलते मौसम से जूझेगा दल, फिटनेस व तकनीकी ट्रेनिंग के बाद मिशन की शुरुआत, लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने टीम को सौंपा Expedition Flag

हरिद्वार, 6 सितंबर 2026:

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में स्थित रुड़की से भारतीय सेना के Corps of Engineers की माउंट त्रिशूल पर्वतारोहण टीम को रवाना किया गया। बंगाल इंजीनियर ग्रुप एंड सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने अभियान दल को हरी झंडी दिखाई। टीम अब 7,120 मीटर ऊंचे माउंट त्रिशूल की चढ़ाई के लिए बेस कैंप की ओर बढ़ेगी।

फिटनेस व टीमवर्क पर जोर

लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने अभियान दल की फिटनेस, मानसिक मजबूती व टीम भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्वतारोहण अभियान सैनिकों में नेतृत्व, अनुशासन, सहनशक्ति, टीमवर्क व सोच-समझकर जोखिम लेने की क्षमता को मजबूत करते हैं। ऊंचाई वाले सैन्य इलाकों में इन क्षमताओं की खास जरूरत होती है।

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7,120 मीटर की ऊंचाई पर चुनौती

माउंट त्रिशूल गढ़वाल हिमालय की कठिन चोटियों में शामिल है। 7,120 मीटर की ऊंचाई पर चढ़ाई के दौरान बेहद मुश्किल रास्तों, अधिक ऊंचाई व तेजी से बदलते मौसम से टीम को सामना करना पड़ेगा। अभियान में जवानों की शारीरिक क्षमता के साथ तकनीकी कौशल, मानसिक मजबूती व ऊंचाई वाले इलाके में टीम के तौर पर काम करने की क्षमता भी परखी जाएगी।

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लंबी तैयारी के बाद मिशन का लक्ष्य मिला

अभियान दल में अनुभवी सैन्य अधिकारी, जूनियर कमीशंड अधिकारी व जवान शामिल हैं। टीम ने मिशन से पहले ऊंचाई वाले वातावरण में खुद को ढालने के लिए acclimatisation, कड़ी Physical Training व पर्वतारोहण तकनीकों की ट्रेनिंग की है। चढ़ाई के दौरान आने वाली तकनीकी व लॉजिस्टिक चुनौतियों को देखते हुए जरूरी तैयारियां भी की गई हैं।

रूट से लेकर सुरक्षा तक की ब्रीफिंग

रवानगी कार्यक्रम की शुरुआत अभियान टीम लीडर की Operational Briefing से हुई। इसमें प्रस्तावित यात्रा कार्यक्रम, चढ़ाई का रूट, summit attempt की योजना, सुरक्षा प्रोटोकॉल व प्रशासनिक इंतजामों की जानकारी दी गई। टीम को हिमालयी क्षेत्र में मौसम के अचानक बदलने व कठिन रास्तों के बीच सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ने को लेकर भी ब्रीफ किया गया।

टीम लीडर को सौंपा Expedition Flag

कार्यक्रम में अभियान टीम लीडर को औपचारिक Expedition Flag सौंपा गया। इसके बाद दल को बेस कैंप के लिए रवाना किया गया। टीम वहां पहुंचने के बाद माउंट त्रिशूल की चढ़ाई के अगले चरण में प्रवेश करेगी। कार्यक्रम में सेंट्रल कमांड के GOC-in-C लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, Engineer-in-Chief लेफ्टिनेंट जनरल विकास रोहेला, बंगाल सैपर्स एंड मिलिट्री सर्वे के कर्नल कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल एसएस दहिया मौजूद रहे। Corps of Engineers के पर्वतारोहण में अनुभव रखने वाले कई अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने अभियान दल से बातचीत कर मिशन की तैयारियों के बारे में जानकारी ली।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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