
लखनऊ, 22 जुलाई 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में बुधवार को दिल्ली की सियासी तपिश साफ दिखाई दी। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही सड़क पर उतर आए। एक ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास की ओर मार्च निकाला तो दूसरी ओर भाजपा ने कांग्रेस मुख्यालय के घेराव का एलान कर शक्ति प्रदर्शन किया। पुलिस प्रशासन ने दोनों दलों को उनके तय मार्ग पर ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इसके बाद जमकर नारेबाजी, धक्का-मुक्की और हंगामा हुआ।
दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा प्रधानमंत्री आवास के घेराव के विरोध में भाजपा ने लखनऊ में कांग्रेस कार्यालय तक मार्च निकालने का निर्णय लिया था। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्यमंत्री पंकज चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता वीवीआईपी गेस्ट हाउस के सामने जुटे। यहां धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राहुल गांधी और अखिलेश यादव के खिलाफ जमकर नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी के पोस्टर पर जूते भी बरसाए।

इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय की ओर बढ़े लेकिन माल एवेन्यू मोड़ पर भारी पुलिस बल और मजबूत बैरिकेडिंग ने उनका रास्ता रोक लिया। इससे कार्यकर्ता भड़क गए और बैरिकेडिंग पर चढ़कर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। इस दौरान पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। हालांकि पुलिस ने किसी को आगे नहीं बढ़ने दिया। आखिरकार भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री आवास जैसे अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में धरना देकर सुरक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ किया है। इसी के विरोध में भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय तक प्रदर्शन करने निकले थे।

प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष आनंद द्विवेदी, विधायक राजेश्वर सिंह, डॉ. नीरज बोरा, पंकज सिंह, एमएलसी रामचंद्र प्रधान, महापौर सुषमा खर्कवाल, नीरज सिंह और भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
उधर, कांग्रेस प्रदेश कार्यालय पर भी माहौल पूरी तरह गरमाया रहा। महिला कार्यकर्ता लट्ठ लेकर तैनात दिखीं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस का हर कार्यकर्ता शांत और सज्जन जरूर है, लेकिन ईंट का जवाब पत्थर से देने के लिए भी पूरी तरह तैयार है। दोनों दलों के आमने-सामने आने से राजधानी की सड़कें पूरे दिन राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन और तीखी बयानबाजी का केंद्र बनी रहीं।






