
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 31 अगस्त 2026ः
उत्तराखंड में मसूरी के मसंदावाला में रविवार देर रात हुई भारी बारिश के बाद मलबा आने से प्रभावित क्षेत्र का कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सोमवार को निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर आपदा प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मंत्री ने कहा कि आप लोगों का जो भी नुकसान हुआ है, उसकी पूरी भरपाई की जाएगी। मंत्री ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाते हुए प्रभावित क्षेत्र में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पुल के नीचे सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने के निर्देश
कैबिनेट मंत्री ने क्षेत्र में जमा मलबे की स्थिति को देखा। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मलबा तत्काल हटाने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय लोगों के आवागमन में बाधा न आए और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल की जा सके। गणेश जोशी ने पुल के नीचे सुरक्षा ब्लॉक निर्माण का कार्य शीघ्र शुरू कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के दौरान पानी के तेज बहाव और मलबे के कारण क्षेत्र में नुकसान की आशंका बनी रहती है। ऐसे में पुल के नीचे सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जाएं।

नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को चेक उपलब्ध कराएं
कैबिनेट मंत्री ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को आपदा से हुए नुकसान का शीघ्र सर्वे और आकलन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों को नुकसान हुआ है, उन्हें आर्थिक सहायता के चेक जल्द उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत सहायता उपलब्ध कराने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। मंत्री ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से क्षेत्र से संबंधित शासन स्तर पर लंबित योजना की वित्तीय स्वीकृति की प्रगति की जानकारी भी ली। उन्होंने वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा, ताकि क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा और बचाव से जुड़े कार्य जल्द शुरू किए जा सकें।
सरकार की प्राथमिकता प्रभावितों को तत्काल राहत पहुंचाना
गणेश जोशी ने कहा कि आपदा की स्थिति में सरकार की पहली प्राथमिकता प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाए। निरीक्षण के दौरान ग्राम प्रधान विनोद अवस्थी, रंजीता उनियाल, बिक्रम कंडारी, गिरीश उनियाल, नवीन उनियाल, परशुराम, मोहन ठाकुर, विनोद जोशी और प्रीति थापा समेत वन विभाग, सिंचाई विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।






