
लखनऊ, 5 सितंबर 2026:
यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट के साथ सियासी हमलों की धार भी तेज होती जा रही है। योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक बार फिर बेहद तीखा हमला बोला है। इस बार राजभर ने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के नाम को लेकर अखिलेश की राजनीतिक भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए उन्हें सीधे निशाने पर लिया।
मंत्री राजभर ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि अखिलेश यादव कम से कम भगवान कृष्ण के तो बनकर रहें। उन्होंने एक इंटरव्यू का जिक्र करते हुए लिखा कि पत्रकार ने अखिलेश से सीधा सवाल पूछा था कि ‘जय श्री राम बोलूं या जय श्री कृष्ण?’ लेकिन उनके मुताबिक अखिलेश ने सवाल का जवाब देने के बजाय बात बदल दी।
सुभासपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव माइक पर एक बार भी ‘जय श्री राम’ या ‘जय श्री कृष्ण’ बोलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। राजभर ने सवाल किया कि फिर वे खुद को यदुवंशी कैसे कहते हैं? उन्होंने इसे कथित तौर पर ‘18 प्रतिशत वोट’ के दबाव से जोड़ते हुए कहा कि क्या इतना डर है कि अपने भगवान का नाम तक खुलकर नहीं लिया जा सकता और उनकी जन्मस्थली के दर्शन करने से भी परहेज किया जाता है।
राजभर यहीं नहीं रुके। उन्होंने अखिलेश पर तंज कसते हुए कहा कि अगर यही स्थिति रही तो एक दिन उनकी अपनी बिरादरी भी सवाल पूछ सकती है कि क्या वे वास्तव में यदुवंशी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश का मन केवल एक ही तरफ लगता है। राजभर ने लखनऊ में पैगम्बर-ए-इस्लाम के जन्मोत्सव से जुड़े कार्यक्रम की सफलता की कामना करने और टोपी पहनने का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश ‘न राम के हुए, न कृष्ण के और न ही यदुवंश के।’
अखिलेश जी, कम से कम भगवान कृष्ण के तो बनकर रहिए भाई।
आपका एक इंटरव्यू देखा। पत्रकार ने सीधा सवाल पूछा- जय श्री राम बोलूं या जय श्री कृष्ण? सवाल साफ़ था लेकिन आपने तड़ाक से बात ही बदल दी। माइक पर एक बार भी जय श्री राम या जय श्री कृष्ण बोलने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
कैसे खुद को…
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) September 5, 2026
‘किसी के तो सगे बन जाइए’ कहते हुए राजभर ने अखिलेश को कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं भी दीं। साथ ही उम्मीद जताई कि किसी दिन उनका जमीर जागेगा और वे भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर की मांग का समर्थन करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसा तभी होगा, जब भगवान श्रीकृष्ण की अखिलेश पर कृपा होगी।
ओमप्रकाश राजभर पिछले कुछ समय से सपा और अखिलेश यादव पर लगातार हमलावर हैं। उनके बयानों में अब व्यक्तिगत और धार्मिक-सियासी तंज भी प्रमुखता से दिखाई दे रहे हैं। दूसरी ओर, अखिलेश यादव फिलहाल राजभर के इन हमलों को ज्यादा तवज्जो देते नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में 2027 के चुनाव से पहले दोनों खेमों के बीच बढ़ती बयानबाजी यूपी की सियासत में आने वाले दिनों में और गर्मी पैदा कर सकती है।






