लखनऊ, 18 जून 2026:
समाजवादी पार्टी और उसके पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) अभियान पर लगातार हमलावर सुभासपा के प्रमुख एवं योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने गुरुवार को एक बार फिर सपा पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लंबी पोस्ट साझा करते हुए पीडीए की नई व्याख्या करते हुए इसे ‘पीट देगा अहीर’ और ‘पीट देगा अल्पसंख्यक’ बताया तथा दलित उत्पीड़न के मामलों के जोनवार और कमिश्नरेटवार आंकड़े जारी किए।
राजभर ने अपने पोस्ट में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं को निशाने पर लेते हुए लिखा कि उन्हें यह गलतफहमी थी कि वह दलितों पर हुए अत्याचार के मामलों को सार्वजनिक नहीं करेंगे। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के विभिन्न पुलिस जोनों और कमिश्नरेटों में दलित उत्पीड़न के मामलों में सबसे अधिक नाम यादव और मुस्लिम समुदाय के लोगों के सामने आए हैं।
उन्होंने गोरखपुर जोन का हवाला देते हुए कहा कि यहां दर्ज 760 मामलों में 297 यादव और 344 मुस्लिम आरोपी पाए गए। वहीं वाराणसी जोन में 603 मामलों में 650 यादव और 178 मुस्लिमों पर मुकदमे दर्ज हुए। आगरा जोन में 287 मामलों में 85 यादव और 93 मुस्लिम, कानपुर जोन में 334 मामलों में 166 यादव और 57 मुस्लिम तथा प्रयागराज जोन में 423 मामलों में 156 यादव और 126 मुस्लिम आरोपित बताए गए हैं।
राजभर ने दावा किया कि बरेली, मेरठ और लखनऊ जोन में भी बड़ी संख्या में मुस्लिम और यादव समुदाय के लोगों के नाम दलित उत्पीड़न के मामलों में सामने आए हैं। उनके अनुसार बरेली में 430 मामलों में 100 यादव और 222 मुस्लिम, मेरठ में 288 मामलों में 24 यादव और 319 मुस्लिम तथा लखनऊ जोन में 1094 मामलों में 410 यादव और 428 मुस्लिम संलिप्त पाए गए।
कैबिनेट मंत्री ने कमिश्नरेट क्षेत्रों के आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने कहा कि लखनऊ कमिश्नरेट में 148 मामलों में 77 यादव और 82 मुस्लिम, प्रयागराज में 126 मामलों में 91 यादव और 39 मुस्लिम, कानपुर नगर में 65 मामलों में 39 यादव और 24 मुस्लिम तथा वाराणसी में 56 मामलों में 37 यादव और 17 मुस्लिमों के नाम दलितों के खिलाफ गंभीर अपराधों में सामने आए हैं।
राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि दलितों और गैर-यादव पिछड़े समाज के प्रति समाजवादी पार्टी की सोच कभी नहीं बदल सकती। साथ ही उन्होंने दावा किया कि ऐसे मामलों में यूपी पुलिस आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। किसी को बख्शा नहीं जा रहा है।






