लखनऊ/प्रयागराज, 11 मार्च 2026:
यूपी में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए पर्यटन विभाग ने प्रयागराज में दो महत्वपूर्ण आस्था स्थलों के विकास की तैयारी तेज कर दी है। करछना स्थित फलाहिरी बाबा मंदिर और सोरांव के दुर्गा मंदिर देवी धाम पचदेवा के पर्यटन विकास व सौंदर्यीकरण के लिए 3.46 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की जाएगी। इन परियोजनाओं के जरिए दोनों मंदिरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि तीर्थ नगरी प्रयागराज देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख आस्था केंद्र है। पर्यटन विभाग लोकप्रिय तीर्थस्थलों के साथ-साथ कम प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के समग्र विकास पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। इसी क्रम में करछना स्थित फलाहिरी बाबा मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 1.64 करोड़ रुपये से अधिक तथा सोरांव तहसील के दुर्गा मंदिर, देवी धाम पचदेवा के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के विकास के लिए लगभग 1.82 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

परियोजना के तहत फलाहिरी बाबा मंदिर के लिए 40 लाख रुपये और दुर्गा मंदिर के लिए 45 लाख रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। विकास कार्यों में मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, आधुनिक लाइटिंग, भव्य प्रवेश द्वार, श्रद्धालुओं के लिए यात्री शेड, स्टाम्प फ्लोरिंग युक्त मार्ग, बैठने के लिए बेंच, स्वच्छ शौचालय और पेयजल की व्यवस्था शामिल होगी। इसके साथ ही परिसर में डस्टबिन, साइनेज और म्यूरल आर्ट भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रयागराज धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। यह क्षेत्र स्पिरिचुअल ट्रायंगल (प्रयागराज-अयोध्या-काशी) का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विभाग का प्रयास है कि प्रमुख तीर्थस्थलों के साथ कम चर्चित स्थलों का भी व्यापक विकास हो। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में करीब 69 करोड़ पर्यटकों ने जनपद का भ्रमण किया। माघ मेला 2026 के दौरान 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। यह प्रयागराज में तेजी से बढ़ते धार्मिक पर्यटन का प्रमाण है।






