Ayodhya

Ram Mandir : कल होगी ट्रस्ट की बैठक, चंपत राय के इस्तीफे पर निर्णय व चढ़ावा विवाद एजेंडे में

महासचिव के इस्तीफे के बाद कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि संभालेंगे बैठक की कमान, ट्रस्ट के 12 सदस्य करेंगे फैसला, वित्तीय रिपोर्ट, SIT की शुरुआती जानकारी समेत पांच अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

अनिल निषाद

अयोध्या, 5 जुलाई 2026:

राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बीच 6 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक होने जा रही है। ट्रस्ट बनने के बाद यह पहला मौका होगा, जब बैठक की अगुवाई महासचिव चंपत राय नहीं करेंगे। उनकी जगह कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि बैठक की प्रक्रिया संभालेंगे।

मणिराम दास छावनी में दोपहर 3 बजे होने वाली इस बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास करेंगे। बैठक का सबसे बड़ा एजेंडा महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला होगा। दोनों ने 26 जून को अपने पद से इस्तीफा दिया था। ट्रस्ट के नियमों के मुताबिक इस्तीफा तभी प्रभावी माना जाएगा, जब ट्रस्ट उसे स्वीकार करेगा। इसलिए दोनों को बैठक में शामिल होने का निमंत्रण भी भेजा गया है।

बैठक में राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच कर रही SIT की शुरुआती रिपोर्ट की जानकारी भी रखी जाएगी। इसके साथ मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ाने के उपाय, वित्तीय वर्ष 2025-26 का आय-व्यय विवरण, वित्तीय मंजूरियां समेत कुल पांच अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।

चंपत राय के इस्तीफे के बाद ट्रस्ट की प्रशासनिक जिम्मेदारियों में गोविंद देव गिरि की भूमिका बढ़ गई है। बैठक बुलाने का पत्र भी उन्होंने ही जारी किया है। अब तक हर बैठक की सूचना जारी करने से लेकर एजेंडा तय करने तक की जिम्मेदारी चंपत राय निभाते रहे थे।

बैठक में अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, गोविंद देव गिरि, नृपेंद्र मिश्रा, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ, परमानंद गिरि, कृष्ण मोहन, महंत दिनेंद्र दास, प्रशांत लोखंडे, संजय प्रसाद समेत अन्य ट्रस्टी शामिल होंगे। संस्थापक सदस्य के परासरण स्वास्थ्य कारणों से अयोध्या नहीं पहुंच पाए तो उनके ऑनलाइन जुड़ने की संभावना है।

बैठक से पहले ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि बैठक में जो भी निर्णय लिया जाएगा, वही सभी को मान्य होगा। वह पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के कारण बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे और शहर से बाहर रहेंगे। चढ़ावा विवाद पर कहा कि रामलला सब देख रहे हैं। जिनसे भी गलती हुई होगी, उन्हें रामलला स्वयं दंड देंगे और न्याय करेंगे। मुख्यमंत्री और प्रशासन भी पूरे मामले को गंभीरता से देख रहे हैं और उन्हें विश्वास है कि सच्चाई सामने आएगी।

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