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Share Market : मिनटों में उड़ी लाखों करोड़ की दौलत, IT शेयरों की बिकवाली से बाजार धड़ाम

आईटी सेक्टर में भारी गिरावट से सेंसेक्स 750 अंक से ज्यादा टूटा और निफ्टी 24 हजार के नीचे फिसला, इन्फोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक में बड़ी बिकवाली से निवेशकों की चिंता बढ़ी, विश्लेषकों को मजबूत रुपये, नरम कच्चे तेल और अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद से आगे रिकवरी की आस

बिजनेस डेस्क, 19 जून 2026:

लगातार पांच कारोबारी सत्र की तेजी के बाद शुक्रवार को शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों पर बिकवाली हावी रही और सेंसेक्स 750 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 24 हजार के नीचे पहुंच गया। सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर के शेयरों में दिखाई दिया।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 786.58 अंक टूटकर 76,624.90 तक पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी 210.95 अंक फिसलकर 23,959.80 पर आ गया। एक्सेंचर की ओर से राजस्व वृद्धि के अनुमान घटाने के बाद आईटी कंपनियों में तेज बिकवाली देखी गई।

बाजार में सबसे ज्यादा मार आईटी सेक्टर पर पड़ी। बीएसई आईटी इंडेक्स करीब 5.38 फीसदी लुढ़क गया। इन्फोसिस के शेयर आठ फीसदी से ज्यादा टूटे, टीसीएस में करीब छह फीसदी, टेक महिंद्रा में पांच फीसदी और एचसीएल टेक में करीब 4.9 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। एचडीएफसी बैंक और टाटा स्टील भी दबाव में रहे।

हालांकि गिरावट के बीच एनटीपीसी, भारती एयरटेल, ट्रेंट और पावर ग्रिड के शेयरों में मजबूती देखने को मिली। इन कंपनियों ने बाजार को कुछ सहारा देने की कोशिश की। शेयर बाजार की कमजोरी के बीच विदेशी मुद्रा बाजार से राहत की खबर आई। डॉलर के मुकाबले रुपया 10 पैसे मजबूत होकर 84.30 के स्तर पर पहुंच गया। मजबूत रुपये को बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट के बावजूद लंबी अवधि में तेजी की संभावना बनी हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते, कच्चे तेल की नरम कीमतें और रुपये की मजबूती निवेशकों का भरोसा बढ़ा सकती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक एक्सेंचर की ओर से अनुमान घटाए जाने के बाद भारतीय आईटी कंपनियों की एडीआर में बिकवाली शुरू हुई, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा।

ग्लोबल बाजारों में भी सुस्ती का माहौल रहा। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स और जापान के टॉपिक्स इंडेक्स में करीब 0.3 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। यूरोप के यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स में भी कमजोरी रही। वहीं ब्रेंट क्रूड 0.93 फीसदी गिरकर 79.11 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।

एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को 1,025.20 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की थी। इसके बावजूद बाजार विशेषज्ञों को उम्मीद है कि मौजूदा दबाव अस्थायी साबित हो सकता है और हालात सामान्य होने पर बाजार फिर से मजबूती की राह पकड़ सकता है।

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