
लखनऊ, 28 जुलाई 2026:
उत्तर प्रदेश में अब गंभीर रूप से बीमार पशुओं के इलाज के लिए पशुपालकों को बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। सरकार प्रदेश की हर विधानसभा क्षेत्र में आदर्श पशु चिकित्सालय बनाने जा रही है। इन अस्पतालों में सामान्य इलाज से लेकर गंभीर बीमारी, जटिल ऑपरेशन और दुर्घटना में घायल पशुओं के उपचार तक की सुविधा एक ही जगह मिलेगी।
एक अस्पताल पर 3 करोड़ से ज्यादा का खर्च
पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह के मुताबिक, प्रत्येक आदर्श पशु चिकित्सालय पर 3 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जाएंगे। इस बजट में करीब 2.55 करोड़ रुपये भवन निर्माण पर खर्च होंगे, जबकि 50 लाख रुपये उपकरण, फर्नीचर, सोलर सिस्टम और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं के लिए रखे जाएंगे।
डायलिसिस से ऑर्थोपेडिक सर्जरी तक सुविधा
आदर्श पशु चिकित्सालयों में Digital X-Ray, Dialysis Unit, आधुनिक Operation Theatre, Recovery Ward और भर्ती वार्ड बनाए जाएंगे। आंखों की बीमारी के इलाज के साथ Eye Surgery की सुविधा भी होगी। हड्डी टूटने या किसी हादसे में गंभीर चोट लगने पर Orthopedic Surgery की व्यवस्था की जाएगी।
गंभीर पशुओं को भर्ती कर होगा इलाज
नई व्यवस्था में ऐसे पशुओं को भी अस्पताल में भर्ती किया जा सकेगा, जिन्हें लगातार मेडिकल निगरानी की जरूरत है। भर्ती पशुओं के लिए भोजन, साफ-सफाई, देखभाल और रिकवरी की व्यवस्था अस्पताल में ही होगी। डॉक्टरों की निगरानी में इलाज पूरा होने तक पशुओं की देखभाल की जाएगी।
CCTV से होगी इलाज की निगरानी
अस्पतालों में उपचार की पूरी प्रक्रिया CCTV Camera की निगरानी में रखने की योजना है। इससे पशुओं के इलाज, भर्ती व्यवस्था और अस्पताल की दूसरी गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। विभाग नियमित तौर पर Treatment Quality की Monitoring भी करेगा।
हर जिले में पहुंचेगी आधुनिक Veterinary Service
पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि योजना को जिला स्तर से विधानसभा क्षेत्र तक मजबूत Veterinary Network के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका सबसे ज्यादा फायदा ग्रामीण इलाकों के पशुपालकों को मिलेगा, जिन्हें अभी गंभीर मामलों में पशुओं को लेकर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की होगी तैनाती
सरकार अस्पतालों में आधुनिक मशीनें लगाने के साथ Human Resources पर भी फोकस कर रही है। विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों के साथ Para Veterinary Staff की तैनाती की जाएगी। स्टाफ को आधुनिक उपकरण चलाने, Emergency Treatment, ऑपरेशन में सहयोग और भर्ती पशुओं की देखभाल का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
डेयरी कारोबार को भी मिलेगा फायदा
उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में परिवार दूध उत्पादन, Dairy Farming, बकरी पालन और दूसरे पशुधन कारोबार से जुड़े हैं। पशुओं को समय पर बेहतर इलाज मिलने से बीमारियों के चलते होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी। बेहतर इलाज से पशुओं की सेहत सुधरने पर पशुपालकों के डेयरी और पशुधन कारोबार को भी फायदा मिल सकता है।
स्थानीय स्तर पर मिलेंगी जटिल इलाज की सुविधाएं
पशुधन विभाग की इस योजना के तहत विधानसभा क्षेत्र स्तर पर ऐसे अस्पताल तैयार किए जाएंगे, जहां पशुपालकों को सामान्य इलाज के साथ कई तरह की Advanced Veterinary Treatment सुविधाएं मिलेंगी। इससे गंभीर बीमारी या ऑपरेशन की जरूरत वाले पशुओं को इलाज के लिए दूसरे शहर ले जाने की जरूरत कम होगी।






