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UP में पर्यटन का ‘मेगा प्लान’! 75 जिलों का बनेगा टूरिज्म मैट्रिक्स, संस्कृति उत्सव के जरिए जेन-जी व जेन-अल्फा को जोड़ने की तैयारी

सड़क से लेकर रैंप, साइनेज और पर्यटक सुविधा केंद्र तक की होगी मैपिंग, डैशबोर्ड पर दर्ज होगा हर पर्यटन स्थल का पूरा ब्योरा, हर स्थल की सुविधाओं का होगा खुलासा

लखनऊ, 10 सितंबर 2026:

देश में वर्ष 2025 में सर्वाधिक घरेलू पर्यटक जुटाने के बाद उत्तर प्रदेश अब पर्यटन सुविधाओं को भी उसी रफ्तार से मजबूत करने की तैयारी में है। प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं की मैपिंग कराई जाएगी। सड़क संपर्क, परिवहन, प्रकाश व्यवस्था से लेकर यात्री शेल्टर, रैंप, हिंदी-अंग्रेजी साइनेज, पर्यटक सुविधा केंद्र और पर्यटन कार्यालय तक की जानकारी जुटाकर जिलेवार ‘टूरिज्म मैट्रिक्स’ तैयार किया जाएगा। इसका पूरा ब्योरा समर्पित डैशबोर्ड पर दर्ज होगा। इससे जहां जो कमी है उसे चिन्हित कर योजनाबद्ध तरीके से दूर किया जा सकेगा।

प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की अध्यक्षता में लखनऊ में हुई पर्यटन व संस्कृति विभाग और उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की समीक्षा बैठकों में इस पूरी कवायद पर विस्तार से चर्चा की गई। विभाग ने इसके लिए प्रोफार्मा तैयार किया है और क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारियों को निर्धारित मानकों के आधार पर सूचनाएं जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।

मंत्री ने कहा कि यूपी देश का अग्रणी घरेलू पर्यटन गंतव्य बनकर उभरा है। पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सुविधाओं और पर्यटक सेवाओं का विकास भी उसी गति से होना चाहिए। टूरिज्म मैट्रिक्स से हर पर्यटन स्थल की वास्तविक जरूरतों को समझकर सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक पर्यटन के लिए योजनाएं तैयार करने में मदद मिलेगी।

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575 परियोजनाओं में शिलालेख-बारकोड, कई स्थलों पर काम पूरा

बैठक में पर्यटन स्थलों पर शिलालेख और बारकोड व्यवस्था की प्रगति की भी समीक्षा हुई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत 575 परियोजनाओं में इसका प्रावधान किया गया है। नार्दानंद ऋषि आश्रम और च्यवन ऋषि आश्रम मैनपुरी, सामौर बाबा धाम और राधा कृष्ण मंदिर फिरोजाबाद, वनखंडेश्वर मंदिर ऊखरैंड, कल्याणी माता मंदिर, दुर्वासा आश्रम, शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर, दशाश्वमेध मंदिर और पगला नंद आश्रम प्रयागराज समेत अयोध्या के कमम्हिया बाबा मंदिर, प्राचीन शिवाला मंदिर, ज्वाला देवी मंदिर और गहनाग बाबा मंदिर में शिलालेख लगाए जा चुके हैं। अन्य परियोजनाओं में भी बारकोडयुक्त शिलालेख लगाए जा रहे हैं। इसके जरिए पर्यटकों को संबंधित स्थल की जानकारी आधुनिक और सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध कराने पर जोर है।

75 जिलों में संस्कृति उत्सव, जेन-जी और जेन-अल्फा पर फोकस

बैठक में प्रदेश के सभी 75 जिलों में ‘संस्कृति उत्सव’ आयोजित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। युवा पर्यटन क्लब और सांस्कृतिक क्लबों के जरिए स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों, खासकर जेन-जी और जेनरेशन अल्फा को नृत्य, नाटक और संगीत जैसी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। उभरती प्रतिभाओं की पहचान कर युवा कलाकारों को मंच देने की भी योजना है। अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने संस्कृति विभाग को इसके लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

लेजर शो से ‘नमो सेवा गाथा’ तक, अक्टूबर तक चलेगा अभियान

प्रस्तावित संग्रहालय विकास योजना, संग्रहालयों, सांस्कृतिक केंद्रों और पांडुलिपि संरक्षण परियोजनाओं की भी समीक्षा हुई। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रस्तावित सेवा संकल्प अभियान के तहत संस्कृति विभाग ‘नमो सेवा गाथा’ नुक्कड़ नाटक आयोजित करेगा। पर्यटन और संस्कृति विभाग संयुक्त रूप से चयनित स्मारकों व पर्यटन स्थलों पर लेजर शो भी कराएंगे।

ब्रज में ‘वासुदेव वाटिका’ का 72% काम पूरा

ब्रज तीर्थ विकास परिषद की समीक्षा में बताया गया कि गोकुल बैराज के पास विकसित हो रही ‘वासुदेव वाटिका’ का करीब 72 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसे 15 दिसंबर तक पूरा किया जाना है। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से प्रेरित यह स्थल सांस्कृतिक और मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। गोकुल-बरसाना की पर्यटक सुविधाओं, गोवर्धन-वृंदावन परिक्रमा मार्ग, कुंडों के जीर्णोद्धार, पार्किंग और ब्रज की प्राकृतिक विरासत से जुड़े प्रोजेक्टों की भी समीक्षा हुई।

इसके अलावा राही पर्यटक आवास गृहों को प्रबंधकीय संविदा पर संचालित करने, जिला महोत्सवों की धनराशि और उपयोगिता प्रमाण-पत्र, केंद्र सरकार की योजनाओं, लंबित प्रकरणों तथा मंत्री के 8 और 9 अप्रैल के पत्रों के अनुपालन की स्थिति भी देखी गई। संस्कृति विभाग में रिक्त पदों पर पदोन्नति और पुरातत्व संरक्षण कार्यों के लिए उत्तर प्रदेश जैन विद्या शोध संस्थान में सुरक्षित धनराशि के उपयोग की भी समीक्षा की गई।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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