69 हजार शिक्षक भर्ती : अभ्यर्थियों का बड़ा ऐलान, नियुक्ति नहीं मिली तो मंत्रियों के खिलाफ लड़ेंगे चुनाव
सात साल से नौकरी और न्याय की लड़ाई लड़ रहे आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने 10 से 12 विधानसभा सीटों पर उतरने की दी चेतावनी, बोले- अब जनता की अदालत में रखेंगे अपनी बात

लखनऊ, 24 अक्टूबर 2026:
यूपी की 69 हजार शिक्षक भर्ती का विवाद अब सियासी रंग लेता नजर आ रहा है। लंबे समय से नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि सात साल से न्याय और नौकरी के लिए भटकने के बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं मिली। मंत्रियों और विधायकों से गुहार लगाकर थक चुके अभ्यर्थी अब चुनाव के जरिए अपनी आवाज उठाने के साथ सत्ताधारी दलों के नेताओं और मंत्रियों के सामने चुनौती पेश करेंगे।
अभ्यर्थी अमित मौर्य ने कहा कि यदि चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले नियुक्ति पत्र नहीं मिला तो अभ्यर्थी प्रदेश की 10 से 12 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, अनुप्रिया पटेल, ओमप्रकाश राजभर, केशव प्रसाद मौर्य आदि से से जुड़ी सीटों पर विशेष रूप से चुनावी चुनौती पेश की जाएगी।
अभ्यर्थियों के मुताबिक उनका का मकसद चुनाव जीतना नहीं अपितु उन नेताओं के खिलाफ विरोध दर्ज कराना है जिन्होंने उनकी मांगों पर न्याय नहीं किया। उन्होंने कहा कि अब अभ्यर्थी जनता के बीच जाकर अपनी पीड़ा और भर्ती में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाएंगे।
‘तारीख पर तारीख मिल रही है’
अमित मौर्य ने भर्ती में कथित आरक्षण घोटाले का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी भर्ती में अनियमितताओं को स्वीकार किया है। उनका कहना है कि अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट की सिंगल और डबल बेंच में कानूनी लड़ाई जीती लेकिन मामला अब सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए तारीख पर तारीख मिल रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे इंतजार के बावजूद नियुक्ति का रास्ता साफ नहीं हुआ है। ऐसे में अब वे आगामी विधानसभा चुनाव को अपनी मांगों को उठाने और सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर करने के मंच के रूप में इस्तेमाल करेंगे।






