
लखनऊ, 30 अगस्त 2026:
69 हजार शिक्षक भर्ती में नियुक्ति की मांग को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का आंदोलन राजधानी लखनऊ में लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। रविवार को तमाम अभ्यर्थियों ने कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। उस समय मंत्री अपने आवास पर मौजूद थे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को अंदर बुलाकर मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। अभ्यर्थियों ने मंत्री को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा।

अभ्यर्थियों ने मंत्री के सामने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि शासन की ओर से 5 जनवरी 2022 को करीब 6800 अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी की गई थी। उनका आरोप है कि इस सूची के बाद भी नियुक्ति का मामला अब तक अधर में लटका हुआ है।
अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के रवैये पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि जब वे विभाग के तत्कालीन निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी से मिलकर 6800 अभ्यर्थियों की चयन सूची को सुप्रीम कोर्ट में प्रोटेक्ट करने की मांग करते तो उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि सूची उनके कार्यकाल में जारी नहीं हुई थी। अभ्यर्थियों के मुताबिक मुख्यमंत्री के आदेश का हवाला देने पर भी उन्हें मुख्यमंत्री से ही बात करने की सलाह दी गई।
अभ्यर्थियों ने मंत्री निषाद से मांग की कि सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई से पहले शासन और बेसिक शिक्षा विभाग अपने शपथपत्र में 6800 अभ्यर्थियों की सूची को लेकर स्पष्ट और समाधानात्मक प्रस्ताव रखे जिससे लंबे समय से नियुक्ति की राह देख रहे अभ्यर्थियों के भविष्य पर फैसला हो सके।






