अनिल निषाद
अयोध्या, 8 जून 2026ः
यूपी में हीट वेव से प्रभावित अयोध्या नगर निगम क्षेत्र के नौ वार्डों में मियावाकी पद्धति से वन क्षेत्र स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा शहर के अन्य वार्डों में भी जगह उपलब्ध होने पर ऐसी ही व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही प्रत्येक वार्ड में पार्षद जन सहयोग के माध्यम से पौधरोपण करेंगे। यह फैसला गांधी सभागार में आयोजित नगर निगम सदन की विशेष बैठक में लिया गया।
महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि पार्षद आम लोगों को ‘एक पेड़ मां के नाम’ लगाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर रामपथ पर जहां जगह उपलब्ध होगी, वहां पौधरोपण किया जाएगा। इसमें संभ्रांतजन से सहयोग लिया जाएगा।
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने साकेतपुरी कॉलोनी का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां लोगों ने अपने घरों के सामने पेड़ लगाए हैं। इसी तरह से अन्य इलाकों में भी लोगों को प्रेरणा लेनी चाहिए। इस मौके पर तय किया गया कि क्षेत्र में बनने वाली सड़कों के किनारे पौधरोपण किया जाएगा।
बैठक में महापौर के प्रस्ताव पर स्वच्छता जागरूकता के लिए प्रतिमाह एक रविवार को विशेष सफाई अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश पांडेय ने बताया कि पार्षदों की शिकायत पर जल निगम के अधिशासी अभियंता को तलब कर कहा गया है कि जब तक पहले से खोदे गए स्थान पर सीवर लाइन डालकर सड़क की मरम्मत न कर दी जाय, तब तक नए स्थान पर खोदाई न की जाए।
बता दें कि मियावाकी पद्धति जापानी वनस्पतिशास्त्री डॉ. अकीरा मियावाकी द्वारा विकसित एक तकनीक है। इसके तहत बहुत कम जगह में देशी पौधों को अत्यधिक सघनता (करीब 3 से 5 पौधे प्रति वर्ग मीटर) के साथ लगाया जाता है। इससे पौधे सूर्य की रोशनी के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं, जिससे सामान्य जंगलों की तुलना में 10 गुना तेजी से वन विकसित होते हैं।
बैठक में सहायक नगर आयुक्त गुरु प्रसाद पांडे, उप सभापति संतोष सिंह, सांसद प्रतिनिधि हामिद जाफर मीशम, मुख्य अभियंता पुनीत ओझा, पार्षद चंदन सिंह, हरिश्चंद्र अग्रहरि, पार्षद अमित कुमार, पार्षद अनिल सिंह, जय नारायण सिंह, पार्षद धर्मेंद्र मिश्र, जगत नारायण यादव, अंकित तिवारी, पार्षद अखिलेश पांडेय, पार्षद अनुज दास, नेता सदन बृजेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।






