
लखनऊ, 28 जून 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित अवैध बहुमंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में हुए भीषण अग्निकांड में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद प्रशासन अब अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने जा रहा है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शहर में अवैध निर्माणों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अपने प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करने का फैसला किया है। इसके तहत आउटसोर्सिंग के माध्यम से 50 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती की जाएगी।
उन्हें आवश्यकता के अनुसार प्रवर्तन के सातों जोन में तैनात किया जाएगा। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने अधिकारियों के साथ बैठक कर भर्ती से संबंधित प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तेजी से हो रहे शहरी विस्तार और बढ़ती आबादी के कारण निर्माण गतिविधियों की निगरानी पहले से अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। ऐसे में अवैध निर्माणों की समय रहते पहचान और उन पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी मानव संसाधन बढ़ाना बेहद जरूरी है।
उपाध्यक्ष ने बताया कि अतिरिक्त जूनियर इंजीनियरों की तैनाती से हर प्रवर्तन जोन में निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था मजबूत होगी। इससे अवैध निर्माणों का समय रहते पता लगाया जा सकेगा। शिकायतों के त्वरित निस्तारण के साथ सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण जैसी प्रवर्तन कार्रवाइयों में भी तेजी आएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भर्ती से जुड़ा प्रस्ताव सभी आवश्यक औपचारिकताओं के साथ जल्द तैयार कर प्रस्तुत किया जाए जिससे आवश्यक स्वीकृति मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा सके। प्रथमेश कुमार ने कहा कि अतिरिक्त मैनपावर मिलने से प्रवर्तन जोनों की कार्यक्षमता में सुधार होगा और अवैध निर्माणों को शुरुआती स्तर पर ही रोकने में मदद मिलेगी।

अलीगंज अग्निकांड के बाद एलडीए का यह फैसला राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की शुरुआत माना जा रहा है। उम्मीद है कि मजबूत प्रवर्तन तंत्र के जरिए नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने में मदद मिलेगी।






