
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 21 जुलाई 2026ः
उत्तराखंड में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को और प्रभावी बनाने व गति देने के लिए सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। सभी विश्वविद्यालयों और राजकीय महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं की शत-प्रतिशत अपार (APAAR) आईडी बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। साथ ही दून व कुमाऊं विश्वविद्यालय इस वर्ष राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) में आवेदन करेंगे, जबकि अन्य राजकीय महाविद्यालयों को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) से मान्यता प्राप्त करने की दिशा में तेजी से कार्य करना होगा।
सचिवालय में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक हुई। इसमें क्वालिटी एजुकेशन के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सभी प्रावधानों को समय से लागू किया जाए, ताकि प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण तैयार हो सके। पाठ्यक्रमों का आधुनिकीकरण, क्रेडिट ट्रांसफर व्यवस्था, बहुविषयक शिक्षा, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट प्रणाली और भारतीय ज्ञान परंपरा को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए।
उन्होंने विद्यार्थियों के सभी शैक्षणिक प्रमाणपत्र डिजिलॉकर के माध्यम से उपलब्ध कराने और प्रत्येक छात्र की अपार आईडी तैयार करने के निर्देश दिए। शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में वर्ष में कम से कम 180 दिन और विद्यालयों में 220 दिन नियमित शिक्षण कार्य सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश भी दिए।
धन सिंह रावत का कहना था कि इससे शैक्षणिक अनुशासन और जवाबदेही मजबूत होगी। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग और एससीईआरटी की ओर से एनईपी 2020 की प्रगति पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि एनईपी ट्रैकर के तहत राज्य को कुल 202 कार्य सौंपे गए हैं, जिनमें से 71 पूरे हो चुके हैं। 111 प्रगति पर हैं, जबकि 20 कार्यों पर अभी शुरुआत होनी बाकी है। बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव न्याय अमित कुमार, सचिव उच्च शिक्षा वीबीआरसी पुरुषोत्तम, विश्वविद्यालयों के कुलपति आदि मौजूद रहे।






