
अनिल निषाद
अयोध्या, 26 जुलाई 2026ः
अयोध्या में समाजवादी पार्टी ने ‘आरक्षण दिवस’ को ‘संविधान मान स्तंभ दिवस’ के रूप में मनाया। इस अवसर पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले के सामाजिक न्याय के विचारों को सबसे पहले छत्रपति शाहूजी महाराज ने मूर्त रूप दिया था। साथ ही शाहूजी महाराज ने समाज सुधार के लिए कई ऐतिहासिक कदम भी उठाए। पूर्व मंत्री ने सामाजिक न्याय पर जोर दिया।
महानगर कार्यालय में रविवार को आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले के सामाजिक न्याय के विचारों को सबसे पहले 26 जुलाई 1902 को कोल्हापुर के शासक राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज ने 50 प्रतिशत आरक्षण लागू कर मूर्त रूप दिया था। उन्होंने कहा कि आगे चलकर डॉ. भीमराव आंबेडकर के प्रयासों से सामाजिक न्याय की यह अवधारणा भारतीय संविधान का महत्वपूर्ण आधार बनी।
महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव ने कहा कि 26 जुलाई को संविधान मान स्तंभ दिवस के रूप में मनाने का उद्देश्य सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति लोगों को जागरूक करना है। वहीं, महासचिव हामिद जाफर मीसम ने कहा कि शाहूजी महाराज ने आरक्षण लागू करने के साथ ही निशुल्क प्राथमिक शिक्षा को भी अनिवार्य बनाया।
कार्यक्रम में रक्षा राम यादव, चौधरी श्रीचंद यादव, राकेश यादव एडवोकेट, संजय सिंह, रियाज अहमद, अरौनी पासवान, जगन्नाथ यादव, वीरेंद्र गौतम, राम नेवल पाल, अंसार अहमद, अपर्णा जायसवाल, अमृत राजपाल, अजय यादव, मिंटू श्रीवास्तव, ऋतुराज सिंह, सत्यम यादव, अभय त्रिवेदी, पार्षद कृष्ण गोपाल यादव सहित पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।






