
योगेंद्र मलिक
देहरादून, 21 अगस्त 2026:
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित डोईवाला ब्लॉक के मियांवाला में लंबे समय से उपेक्षित पड़े जौहड़ की जमीन अब नए रूप में नजर आएगी। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने करीब 8.63 करोड़ रुपये की लागत से पुराने तालाब क्षेत्र का सौंदर्यीकरण कर जल-सृष्टि पार्क तैयार किया है। पंचायत घर गन्ना सेंटर के पास बने इस पार्क में जलस्रोत को बचाने के साथ लोगों के लिए कई अन्य सुविधाएं विकसित की गई हैं।
जलस्रोत के साथ हरियाली पर जोर
परियोजना में पुराने जलस्रोत को संरक्षित रखने पर खास ध्यान दिया गया है। तालाब के आसपास हरित क्षेत्र विकसित किया गया है। जलीय जीवों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने के साथ पानी में जलीय फूल लगाए गए हैं। मछलियों व पक्षियों के लिए भी यहां बेहतर वातावरण बनाने की कोशिश की गई है।

पहाड़ी शैली में बना प्रवेश द्वार, नौकायन की सुविधा
पार्क के मुख्य प्रवेश द्वार को उत्तराखंड की पारंपरिक पहाड़ी शैली में तैयार किया गया है। परिसर में योग डेक, योग से जुड़ी मूर्तिकला, गजीबो, वॉकिंग ट्रैक, गार्डन बेंच, कैंटीन व शौचालय की सुविधा भी दी गई है। जल-सृष्टि पार्क में लोगों के लिए नौकायन की सुविधा भी रखी गई है। तालाब के आसपास सुरक्षा रेलिंग लगाई गई है। इससे जलस्रोत का इस्तेमाल मनोरंजन के साथ प्रकृति से जुड़ाव के लिए भी किया जा सकेगा।
परिवारों के लिए तैयार हुआ सार्वजनिक स्थल
पार्क में खुले हरित क्षेत्र विकसित किए गए हैं। यहां बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों व परिवारों के लिए घूमने की जगह उपलब्ध है। वॉकिंग ट्रैक व योग डेक जैसी सुविधाओं के चलते इसे रोजमर्रा की गतिविधियों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।
प्राधिकरण उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने लिया कार्यों का जायजा
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने जल-सृष्टि पार्क का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाएं देखीं। इस दौरान उन्होंने पार्क परिसर में रुद्राक्ष का पौधा लगाया। उन्होंने कहा कि शहर के विकास के साथ प्राकृतिक संसाधनों को बचाने पर भी फोकस किया जा रहा है। मियांवाला में पुराने जलस्रोत का कायाकल्प इसी सोच के तहत किया गया है।

सिटी फॉरेस्ट के बाद एक और पहल
उपाध्यक्ष ने कहा पार्क तैयार करने का मकसद सिर्फ सौंदर्यीकरण नहीं है। पुराने जलस्रोत को बचाना, जलीय जीवों के लिए बेहतर माहौल बनाना व लोगों को खुला सार्वजनिक स्थल देना भी परियोजना का हिस्सा है। एमडीडीए की ओर से सिटी फॉरेस्ट के बाद जल-सृष्टि पार्क को भी पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी परियोजना के तौर पर विकसित किया गया है। जौहड़ की जमीन व पुराने तालाब को नया स्वरूप देकर उसे सार्वजनिक उपयोग से जोड़ा गया है।
हरित क्षेत्रों से जुड़ी परियोजना पर काम जारी रहेगा
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि मियांवाला जल-सृष्टि पार्क में विकास को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा गया है। जौहड़ की जमीन व पुराने तालाब क्षेत्र को संरक्षित करते हुए यहां हरियाली, योग, वॉकिंग व नौकायन जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। उन्होंने कहा कि शहर के प्राकृतिक संसाधनों व हरित क्षेत्रों से जुड़ी परियोजनाओं पर आगे भी काम किया जाएगा।






