
लखनऊ, 22 अगस्त 2026:
यूपी की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शनिवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर योगी सरकार के ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्कूलों की तस्वीर बदलने के दावे तो कर रही है लेकिन प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में बच्चों को बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।
संजय सिंह ने इसी मुद्दे को लेकर ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत की और जनता के लिए 8382928009 हेल्पलाइन नंबर जारी किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र के बदहाल स्कूलों, जलभराव, टूटी सड़कों और मिड-डे मील में मिल रहे खराब भोजन के वीडियो बनाकर इस नंबर पर व्हाट्सएप या फोन के जरिए जानकारी दें।
संजय सिंह ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों के 55 सरकारी स्कूलों के वीडियो साक्ष्य प्रस्तुत किए। उनके मुताबिक वाराणसी, गोरखपुर, नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, महोबा समेत कई जिलों में स्कूलों की स्थिति चिंताजनक है। कहीं छतों से पानी टपक रहा है तो कहीं शौचालय टूटे पड़े हैं। कई स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त डेस्क-बेंच तक नहीं होने का दावा किया गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार जिस ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ को सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने की बड़ी पहल के तौर पर पेश करती है, उसकी जमीनी हकीकत इतनी खराब क्यों नजर आ रही है। संजय सिंह ने नोएडा और गाजियाबाद जैसे क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि ‘डबल इंजन’ सरकार वाले इलाकों में भी स्कूलों की ऐसी स्थिति है तो प्रदेश के दूसरे हिस्सों की तस्वीर का अंदाजा लगाया जा सकता है।
भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने शिक्षा को लेकर भी तीखी राजनीतिक टिप्पणी की और कहा कि देश की राजनीति अब जाति-धर्म से आगे बढ़कर शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर केंद्रित होनी चाहिए। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के शिक्षा संबंधी विचारों का उल्लेख करते हुए भाजपा पर गरीब बच्चों की शिक्षा की अनदेखी का आरोप लगाया।
स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने के प्रशासनिक आदेश पर भी संजय सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने इसे ‘तुगलकी फरमान’ बताते हुए कहा कि सरकारी स्कूल जनता के टैक्स के पैसे से चलते हैं और उनकी स्थिति जनता से छिपाई नहीं जानी चाहिए। आप सांसद ने कहा कि पार्टी आने वाले दिनों में प्रदेश के अन्य जिलों के स्कूलों से जुड़े वीडियो भी सार्वजनिक करेगी और खराब स्कूलों की ‘प्रदर्शनी’ लगाने की योजना है। उन्होंने कहा कि अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार से सरकारी स्कूलों की बदहाली पर जवाब नहीं मांगा जाता।






