
योगेंद्र मलिक
देहरादून, 25 अगस्त 2026ः
उत्तराखंड में त्योहारों के मौसम में खाद्य पदार्थों में मिलावट और जमाखोरी रोकने के लिए धामी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में प्रदेश भर में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमों ने विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए। एक्सपायरी और खराब सामग्री नष्ट कराई गई और कई प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए। टीमों ने चीनी की जमाखोरी और घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक इस्तेमाल की भी जांच की। टीमों ने अलग-अलग जिलों से कुल 16 सैंपल लिए और जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।
चमोली में टीमों ने छापेमारी कर की कार्रवाई
धामी सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में ऐसे लोगों के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया गया है, जो इस खेल में शामिल हैं। सभी जिलों के डीएम को एक सप्ताह तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि इसकी मॉनिटरिंग मंडलायुक्त करेंगे। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमों ने चमोली में तीन सैंपल लिए और जांच के लिए लैब भेजे। साथ ही एक्सपायरी सामग्री मिलने पर दो दुकानदारों को नोटिस दिया गया। टीम ने रुद्रप्रयाग में 12 दुकानों का निरीक्षण कर छह सैंपल लिए और छह दुकानों से एक्सपायरी सामान नष्ट कराया गया। अल्मोड़ा में मिठाइयों के दो, जबकि बागेश्वर में आठ प्रतिष्ठानों से तीन सैंपल लिए गए और जांच के लिए लैब भेजे गए। पिथौरागढ़ में भी दो सैंपल लिए गए।
देहरादून में अब तक 48 सैंपल लिए जा चुके
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने देहरादून में 11 खाद्य नमूने लिए। इनको जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। वहीं, तीन प्रतिष्ठानों को चेतावनी दी गई। जिले में एक अगस्त से 24 अगस्त तक 70 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 48 सैंपल लिए जा चुके हैं। इसके अलावा हरिद्वार में 17 अगस्त से 24 अगस्त तक 47 प्रतिष्ठानों की जांच कर 27 सैंपल लिए गए हैं। दोनों जिलों के सैंपल जांच के लिए भी लैब भेजे जा चुके हैं।
पौड़ी-नैनीताल में भी प्रतिष्ठानों का किया निरीक्षण
पौड़ी, नैनीताल, टिहरी और उत्तरकाशी में भी प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। नैनीताल में मानकों के अनुरूप मिठाई न मिलने पर एक प्रतिष्ठान से दस किलो मिठाई नष्ट कराई गई। उत्तरकाशी में बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री बेचने के मामले में प्रतिष्ठान को नोटिस जारी किया गया। अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान मिलावट और जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।






