
प्रयागराज, 29 अगस्त 2026:
गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर के बीच यूपी के प्रयागराज में हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। बख्शी बांध की रिवर फ्रंट रोड पर पानी भरने के बाद एक ट्रक सड़क से नीचे उतरकर गंगा के गहरे पानी में फंस गया। इसी बीच जॉर्ज टाउन इलाके में स्वामी नारायण मंदिर का तीन मंजिला हिस्सा देर रात अचानक ढह गया। मंदिर के पीछे चल रहे निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे को हादसे की वजह बताया जा रहा है।
रिवर फ्रंट रोड पर पानी में डूबा ट्रक
गंगा का जलस्तर बढ़ने से बख्शी बांध के पास रिवर फ्रंट रोड का एक हिस्सा पानी में डूब गया है। सलोरी से नागवासुकी मंदिर की तरफ जा रहा ट्रक इसी रास्ते पर पहुंचा था। सड़क पर पानी भरा होने के कारण चालक को आगे की तरफ पानी की वास्तविक गहराई का अंदाजा नहीं हो सका। ट्रक को आगे बढ़ाया तो सड़क का किनारा नीचे धंस गया। इसके बाद ट्रक गहरे पानी में फंस गया। देखते ही देखते वाहन का आधे से ज्यादा हिस्सा गंगा के पानी में डूब गया। ट्रक को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन बढ़े जलस्तर की वजह से Rescue Operation में दिक्कत आ रही है।
सड़क डूबी तो गहराई का पता नहीं चला
स्थानीय लोगों के मुताबिक पानी सड़क के काफी हिस्से में फैल गया था। ऐसे में यह समझना मुश्किल था कि सड़क कहां तक सुरक्षित है, किस जगह पानी कितना गहरा है। इसी वजह से ट्रक चालक भी रास्ते की स्थिति का सही अंदाजा नहीं लगा सका। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। ट्रक को पानी से निकालने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना सामने नहीं आई है।

24 घंटे में तेजी से बढ़ा गंगा-यमुना का जलस्तर
प्रयागराज में गंगा-यमुना के जलस्तर में पिछले 24 घंटे के दौरान तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। छतनाग में गंगा का जलस्तर 98 सेंटीमीटर बढ़ा, जबकि नैनी में यमुना का जलस्तर 103 सेंटीमीटर तक ऊपर गया है। जलस्तर बढ़ने से गंगा किनारे के कई इलाकों में पानी पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन की तरफ से नदी के आसपास के इलाकों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
स्वामी नारायण मंदिर का तीन मंजिला हिस्सा गिरा
उधर, जॉर्ज टाउन क्षेत्र में देर रात स्वामी नारायण मंदिर परिसर का तीन मंजिला हिस्सा अचानक ढह गया। घटना रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है। तेज आवाज के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मंदिर का जो हिस्सा गिरा है, उसका इस्तेमाल धर्मशाला के तौर पर किया जाता था। हादसे के समय वहां श्रद्धालुओं या कर्मचारियों की मौजूदगी नहीं थी, इसलिए किसी के दबने की सूचना नहीं है।

निर्माण के लिए खोदा गया था गहरा गड्ढा
बताया जा रहा है कि मंदिर के पीछे निर्माण कार्य चल रहा था। इसके लिए वहां गहरा गड्ढा खोदा गया था। बारिश का पानी गड्ढे में जमा हो जाता था जिसे बार-बार निकाला गया। इसकी नमी की वजह से मंदिर के इस हिस्से की नींव कमजोर हुई, जिसके बाद तीन मंजिला हिस्सा भरभराकर नीचे जा गिरा। हादसे के बाद मौके पर आसपास के लोग पहुंच गए। मंदिर परिसर के गिरे हिस्से को लेकर जांच की जा रही है। निर्माण कार्य, गड्ढे की स्थिति, नींव पर उसके असर से जुड़े पहलुओं को भी देखा जा रहा है।






