
सीतापुर, 4 सितंबर 2026:
यूपी के सीतापुर जिले में मेडिकल स्टोर पर प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत के बाद शुक्रवार को परिजनों ने पर्वतपुर चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मेडिकल स्टोर संचालक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। जाम लगने से चौराहे पर काफी देर तक यातायात प्रभावित रहा।
मेडिकल स्टोर के पीछे कमरे में कराया प्रसव
बसावनपुर निवासी अशोक कुमार पत्नी सावित्री को 3 सितंबर को प्रसव के लिए पर्वतपुर चौराहे स्थित एक मेडिकल स्टोर पर लेकर आया था। परिजनों का आरोप है कि मेडिकल स्टोर के पीछे बने कमरे में ही प्रसव कराया जा रहा था। इसी दौरान गर्भ में बच्चे की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, बच्चे की मौत के बाद भी महिला का इलाज वहीं जारी रखा गया। उन्हें सावित्री के ठीक होने का भरोसा दिया गया। बाद में उसकी हालत बिगड़ने पर उसे महमूदाबाद ले जाया गया।
लखनऊ रेफर, रास्ते में महिला की मौत
महमूदाबाद में हालत गंभीर होने पर सावित्री को लखनऊ रेफर कर दिया गया। परिजनों के मुताबिक, लखनऊ ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार में मातम छा गया। सावित्री के परिवार में उसकी पांच साल की बेटी अंजलि और तीन साल की बेटी मुस्कान हैं। मां की मौत के बाद दोनों बच्चियां अकेली रह गई हैं।

कार्रवाई की मांग रखी, सड़क पर उतरे ग्रामीण
शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे बड़ी संख्या में परिजन व ग्रामीण पर्वतपुर चौराहे पर पहुंचे। उन्होंने सावित्री का शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीण मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। जाम की सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा। विभागीय अधिकारियों ने भी स्थिति संभालने की कोशिश की। परिजनों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
मेडिकल स्टोर संचालक के परिवार की महिलाएं करातीं हैं डिलीवरी
परिजनों का आरोप है कि संबंधित मेडिकल स्टोर पर दवा बिक्री के साथ प्रसव का काम भी कराया जाता है। उनका दावा है कि स्टोर संचालक के परिवार की महिलाएं ही यहां डिलीवरी कराती हैं। परिजनों ने इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।






