
अनिल निषाद
अयोध्या, 13 सितंबर 2026:
यूपी के अयोध्या में एकलव्य निषाद छात्रावास को लेकर निषाद समाज की सक्रियता बढ़ गई है। छात्रावास को खाली कराकर निषाद समाज को सौंपने की मांग को लेकर समाज के मंदिर में बैठक हुई। इसमें छात्रावास से जुड़े दस्तावेज, कानूनी प्रक्रिया, शासन-प्रशासन से चल रही बातचीत समेत आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। हालांकि आंदोलन को लेकर अंतिम फैसला नहीं हो सका। अगली बैठक में इस पर निर्णय लिए जाने की बात कही गई।
शासन-प्रशासन से लगातार बातचीत
निषाद समाज के अध्यक्ष संतोष निषाद ने कहा कि छात्रावास के मुद्दे पर समाज एकजुट है। राज्य सरकार व जिला प्रशासन के अधिकारियों से लगातार बातचीत चल रही है। महर्षि वेदव्यास छात्रावास समिति के अध्यक्ष मनीराम निषाद, श्यामलाल निषाद समेत समाज के बुद्धिजीवी मामले की पैरवी कर रहे हैं। कानूनी प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।
संतों से भी मांगा सहयोग
संतोष निषाद के मुताबिक स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ संत-महात्माओं से भी छात्रावास के मुद्दे पर बातचीत की गई है। उनका कहना है कि छात्रावास गरीब व असहाय छात्रों के लिए बनाया गया था। इसके लिए कलराज मिश्र के साथ पूर्व सांसद व विधायक लल्लू सिंह की निधि का इस्तेमाल हुआ था। छात्रावास से जुड़े जरूरी दस्तावेज समाज के पास मौजूद हैं।
निषाद समाज को सौंपने की मांग
संतोष निषाद ने अयोध्या धाम के संतों, शासन व प्रशासन से मामले का समय रहते समाधान कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के सखा महाराजा निषादराज से जुड़ी इस धरोहर को आपसी समझौते या कानूनी प्रक्रिया के जरिए खाली कराकर निषाद समाज को सौंपा जाना चाहिए।
अधिकार नहीं मिला तो चुनाव में जवाब देने की बात
श्यामलाल निषाद ने कहा कि जब छात्रावास निषाद समाज के नाम पर है तो उसका अधिकार व आवंटन भी समाज को ही मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर साधु-संतों से बातचीत जारी है। समाज के लोग जल्द जिले के उच्च अधिकारियों से मुलाकात कर अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने सरकार को लेकर कहा कि यदि निषाद समाज की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाज इसका राजनीतिक जवाब देगा। श्यामलाल निषाद ने कहा कि जिस तरह निषादों ने भगवान श्रीराम की नैया पार लगाई थी, उसी तरह समाज नाव चलाना जानता है, जरूरत पड़ने पर बीच मझधार में नाव घुमाना भी जानता है।
गरीब छात्रों के लिए इस्तेमाल की मांग
बैठक में शामिल लोगों ने कहा कि छात्रावास का इस्तेमाल गरीब व जरूरतमंद निषाद समाज के छात्रों के हित में होना चाहिए। समाज ने शासन-प्रशासन से छात्रावास से जुड़े विवाद का जल्द समाधान कराने की मांग की।
बैठक में निषाद समाज का जमावड़ा
गोष्ठी में एकलव्य छात्रावास के अध्यक्ष मनीराम निषाद, उपाध्यक्ष हेमंत निषाद, निषाद समाज अध्यक्ष संतोष निषाद, पूर्व सीएमओ डॉ. नानक सरन, श्यामलाल निषाद, अच्छेलाल निषाद, जिला पंचायत सदस्य हरिश्चन्द्र निषाद, पूर्व प्रधान श्रीनाथ, लालमणि निषाद, कुश निषाद, अरुण निषाद, बाबा मंजीत निषाद, बाबा लक्मण दास, देवपत्र मांझी, मोहन निषाद, पूर्व सभासद अमरजीत निषाद, अनिल निषाद, पूर्व प्रधान रोहित निषाद, अर्पित निषाद अंशु, प्रधान दुर्गा प्रसाद, प्रधान विष्णु निषाद, राममिलन निषाद, जिलेश निषाद, शिव कुमार निषाद, दुर्गेश निषाद, हर्ष निषाद, जल्दु निषाद, प्रदीप निषाद, भगवानदीन निषाद, संजय निषाद व राहुल निषाद मौजूद रहे।






