
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 18 सितंबर 2026ः
भारत दर्शन शैक्षिक यात्रा पर जाने वाले उत्तराखंड के देवप्रयाग के मेधावी छात्रों ने लोक भवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) से मुलाकात की। राज्यपाल ने छात्रों से संवाद करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत दर्शन यात्रा केवल पर्यटन का अवसर नहीं, बल्कि देश के इतिहास, संस्कृति, विज्ञान, तकनीक और लोकतंत्र को करीब से समझने का माध्यम है। उन्होंने छात्रों से यात्रा के दौरान जिज्ञासा के साथ नई चीजों को देखने और उनसे सीखने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने छात्रों से कहा कि अपनी प्रतिभा को पहचानकर उसे निखारने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। बदलती दुनिया के साथ आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का ज्ञान भी जरूरी है। राज्यपाल ने कहा कि वे बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए कठिन परिश्रम करें। उन्होंने कहा कि परिस्थितियों को अपनी सीमा नहीं बनने देना चाहिए। देवप्रयाग की पहाड़ियों से निकलकर भी छात्र देश के श्रेष्ठ संस्थानों तक पहुंच सकते हैं। इसके लिए दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और स्वयं पर विश्वास जरूरी है।

गुरमीत सिंह ने छात्रों को यात्रा के अनुभवों को लिखने और लौटकर अपने विद्यालय व साथियों के साथ साझा करने की सलाह दी, ताकि उनकी सीख और नई सोच अन्य विद्यार्थियों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सके। देवप्रयाग विधायक विनोद कण्डारी के प्रयासों से आयोजित इस शैक्षिक यात्रा के दौरान विद्यार्थी ऋषिकेश, लखनऊ, कानपुर, अयोध्या और रुड़की का भ्रमण करेंगे। इस अवसर पर ग्रामीण अभियंत्रण सेवा सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट, शैक्षिक यात्रा पर जाने वाले छात्र-छात्राएं और अध्यापक मौजूद रहे।






