
बिजनेस डेस्क, 23 सितंबर 2026:
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ कारोबार शुरू किया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 200 अंक चढ़कर 74,640.85 पर पहुंच गया। निफ्टी भी 23,350 के पार कारोबार करता दिखा। बजाज समूह की दोनों कंपनियों और एशियन पेंट्स के शेयरों में खरीदारी से बाजार को सहारा मिला।
सेंसेक्स 74,640 के पार, निफ्टी में भी बढ़त
बुधवार सुबह सेंसेक्स 74,640.85 के स्तर पर था। यह पिछले बंद स्तर से 111.77 अंक या 0.14% की बढ़त है। निफ्टी 23,367 पर कारोबार कर रहा था, जिसमें 38 अंक या 0.16% की तेजी दर्ज हुई। बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और एशियन पेंट्स के शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 2% तक चढ़े। इन प्रमुख शेयरों में खरीदारी से सेंसेक्स और निफ्टी को मजबूती मिली।
गिरावट के बाद बाजार में संभलने की कोशिश
इससे पहले मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में दबाव रहा। दिन के निचले स्तरों से आई रिकवरी टिक नहीं पाई और प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए थे। बुधवार की शुरुआती तेजी के बावजूद बाजार की निकट अवधि की दिशा को लेकर सावधानी बनी हुई है। विश्लेषकों के मुताबिक, निफ्टी में आने वाले कारोबारी सत्रों के दौरान कंसोलिडेशन यानी सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। व्यापक तौर पर इंडेक्स के 23,115 से 23,650 के दायरे में रहने की संभावना बताई गई है।
23,300 का सपोर्ट टूटा तो बढ़ सकता है दबाव
विश्लेषकों के मुताबिक, निफ्टी के दैनिक चार्ट पर बियरिश इनगल्फिंग पैटर्न बना है। यह पहले बनी तेजी की गति कमजोर पड़ने का संकेत माना जाता है। बाजार का सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है। निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 23,300 पर है। इस स्तर के नीचे फिसलने पर इंडेक्स के 23,000 तक जाने का दबाव बन सकता है।
23,400 के ऊपर टिकने पर अगला स्तर 23,600
तकनीकी नजरिए से निफ्टी के लिए 23,400 तत्काल रेजिस्टेंस है। यदि इंडेक्स इस स्तर के ऊपर टिकाऊ बढ़त बनाने में सफल रहता है तो 23,600 और उससे ऊपर के स्तरों पर नजर रहेगी। आने वाले कारोबारी सत्रों में 23,300 का सपोर्ट और 23,400 का रेजिस्टेंस बाजार की दिशा समझने के लिए अहम रहेंगे।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
ग्लोबल मार्केट से बुधवार को मिले-जुले संकेत मिले। उपलब्ध अपडेट के मुताबिक, एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में खास बदलाव नहीं था। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 भी लगभग स्थिर रहा। हॉन्ग कॉन्ग का हेंगसेंग 0.8% और शंघाई कंपोजिट 0.4% नीचे रहा। दूसरी ओर, यूरो स्टॉक्स फ्यूचर्स में 0.2% की बढ़त दर्ज हुई।






