
लखनऊ, 23 सितंबर 2026:
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) 2027 से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में संगठनात्मक बदलाव का दौर बुधवार को एक और बड़े फैसले के साथ सामने आया।बसपा अध्यक्ष मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक (नेशनल कोऑर्डिनेटर) बनाने का ऐलान कर दिया। यह वही जिम्मेदारी है जिसे इससे पहले बड़े भतीजे आकाश आनंद संभाल रहे थे। आकाश को हाल ही में राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाने के बाद पार्टी से भी बाहर कर दिया गया था।
लखनऊ स्थित बसपा कार्यालय में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान ईशान आनंद ने मायावती के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। मायावती ने उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया। इसके कुछ ही देर बाद ईशान को राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने का फैसला सामने आया। बैठक में ईशान को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ आगे की पंक्ति में स्थान भी दिया गया।
आकाश की जगह ईशान, बसपा में नेतृत्व की तस्वीर बदली
ईशान आनंद को मिली नई जिम्मेदारी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि कुछ सप्ताह पहले तक पार्टी में उनके लिए तस्वीर अलग थी। सितंबर की शुरुआत में मायावती ने आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाया और बाद में पार्टी से भी बाहर कर दिया। इसके बाद मायावती ने स्पष्ट किया था कि आनंद कुमार के परिवार से ईशान आनंद को ही पार्टी में सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाया जाएगा।
अब राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी मिलने के साथ ईशान पार्टी के संगठन में पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण भूमिका में आ गए हैं। हालांकि, यह भी उल्लेखनीय है कि आकाश आनंद की तरह ईशान अब तक बड़े स्तर पर जनसभाओं या सार्वजनिक राजनीतिक कार्यक्रमों का नेतृत्व करते हुए नहीं दिखे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उनकी भूमिका मुख्य रूप से संगठन के भीतर, डिजिटल मीडिया, युवा गतिविधियों और तकनीकी रणनीति से जुड़ी रही है।

पहली कतार से लेकर राष्ट्रीय जिम्मेदारी तक
बुधवार की बैठक में मायावती के साथ उनके भाई आनंद कुमार और ईशान आनंद की मौजूदगी भी चर्चा में रही। वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा और प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल समेत संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया। विभिन्न राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों और प्रभारियों के साथ यूपी-उत्तराखंड के जिला एवं मंडल स्तर के पदाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक का फोकस आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों, संगठन की स्थिति और संभावित प्रत्याशियों को लेकर मंथन पर रहा। बसपा अगले कुछ महीनों में होने वाले विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों को देखते हुए संगठन को सक्रिय करने की तैयारी में है।

अब राज्यों में दिखेगा ईशान का रोल
राष्ट्रीय संयोजक के तौर पर ईशान आनंद की भूमिका अब केवल पार्टी के अंदरूनी संगठन तक सीमित नहीं रहने वाली है। राज्यों के प्रभारियों और प्रमुख संगठनात्मक पदाधिकारियों के साथ समन्वय, चुनावी तैयारियों की निगरानी और पार्टी की राष्ट्रीय स्तर की गतिविधियों में उनकी भूमिका बढ़ेगी।
आकाश आनंद के बाहर होने के बाद ईशान का तेजी से आगे आना बसपा के संगठन में नेतृत्व की बदलती तस्वीर का संकेत जरूर है। हालांकि, नई जिम्मेदारी के साथ उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठनात्मक स्तर पर अपनी भूमिका को स्थापित करने और विभिन्न राज्यों में पार्टी की चुनावी तैयारियों को प्रभावी ढंग से समन्वित करने की होगी।






