
सीतापुर, 1 अक्टूबर 2026:
यूपी के सीतापुर में खुद को Punjab National Bank का शाखा प्रबंधक और पत्नी को आयकर निरीक्षक बताकर लोगों से 27 लाख रुपये ठगने वाले दंपती को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 14 लाख रुपये नकद, करीब छह लाख रुपये कीमत के सोने के आभूषण, फर्जी पहचान पत्र और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दंपती कई राज्यों में इसी तरह लोगों को अपने जाल में फंसा चुका है।
सस्ते 24 कैरेट Gold Biscuit का दिखाया सपना
Gold Biscuit Fraud : आरोपी रोहित बाजपेई ने मई माह में रेकी के बाद 31 अगस्त को किराए पर मकान लिया था। उसने खुद को PNB की मिश्रिख शाखा का मैनेजर बताया और लोगों को भरोसा दिलाया कि बैंक में सोने की नीलामी हो रही है, जहां से 24 कैरेट Gold Biscuit बाजार से काफी कम कीमत पर दिलाए जा सकते हैं। बैंक अधिकारी की पहचान का फायदा उठाकर उसने चार लोगों से अलग-अलग रकम ले ली।
पहले किराये का मकान, फिर बैंक अफसर की पहचान
रोहित को शहर के नवीन चौक क्षेत्र में रहने वाली प्रेमलता बाजपेई से आदित्य पाल ने मिलवाया था। आदित्य ने उसका परिचय PNB मिश्रिख शाखा के मैनेजर के तौर पर कराया। इसके बाद रोहित और उसकी पत्नी अन्नू बाजपेई के लिए राम नरेश जायसवाल के प्रेम नगर स्थित मकान में किराये की व्यवस्था की गई। दोनों ने आधार कार्ड की फोटो कॉपी भी दी थी।
कार पर भारत सरकार की प्लेट से बढ़ाया भरोसा
रोहित इनोवा क्रिस्टा से घूमता था। कार पर भारत सरकार की प्लेट लगी थी, जिससे लोगों को उसके सरकारी या बैंक से जुड़े अधिकारी होने का भरोसा और मजबूत हुआ। इसी पहचान के सहारे उसने आसपास के लोगों से मेलजोल बढ़ाया और फिर सोने की नीलामी की कहानी सुनाकर रकम जुटानी शुरू कर दी।
चार लोगों से 27 लाख रुपये लिए
पुलिस जांच में सामने आया कि रोहित ने प्रेमलता बाजपेई से तीन लाख रुपये, राम नरेश जायसवाल से 15 लाख रुपये, अतुल कुमार से चार लाख रुपये और सुधीर जायसवाल से पांच लाख रुपये लिए थे। कुल रकम 27 लाख रुपये थी। राम नरेश ने बेटे की शादी को लेकर आरोपी पर भरोसा किया था और सबसे ज्यादा 15 लाख रुपये दिए थे।
रकम मिलते ही पत्नी के साथ हुआ गायब
पैसे लेने के बाद रोहित अपनी पत्नी अन्नू बाजपेई के साथ आदित्य पाल की अर्टिगा कार से निकल गया। इसके बाद उसका मोबाइल बंद मिला। जब लोगों ने उसके बारे में जानकारी जुटाई तो PNB में नौकरी करने की बात भी गलत निकली। इसके बाद मामले में कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कराया गया।
ड्राइवर से पूछताछ ने खोला रास्ता
पुलिस ने पहले रोहित को लेकर घूमने वाले इनोवा चालक आदित्य को हिरासत में लिया। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज और सर्विलांस की मदद से दंपती की तलाश शुरू की। मिले सुरागों के आधार पर पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंची और गुरुवार को दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी पहचान पत्र और चार मोबाइल बरामद
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के पास से 14 लाख रुपये नकद, करीब छह लाख रुपये के सोने के आभूषण, फर्जी पहचान पत्र और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस अब दंपती के दूसरे राज्यों में किए गए मामलों की जानकारी जुटा रही है।






