खोया-पनीर से मांस-मछली तक, टेम्परेचर में लापरवाही मिली तो जब्त हो सकता है सामान
FSSAI ने जारी की नई एडवाइजरी, भंडारण से लेकर डिलीवरी तक तय तापमान बनाए रखना जरूरी, गैर खाद्य-सुरक्षित पैकिंग पर भी सख्ती

न्यूज डेस्क, 18 अक्टूबर 2026:
FSSAI Advisory 2026 : खाद्य पदार्थों की सप्लाई में तापमान को लेकर लापरवाही करने वाले कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खोया, पनीर, मांस, मछली जैसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के भंडारण, पैकिंग व परिवहन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत खाद्य कारोबारियों को पूरी सप्लाई चेन में तय तापमान बनाए रखना होगा। नियमों का पालन नहीं करने पर खाद्य सामग्री जब्त करने के साथ उसे नष्ट करने की कार्रवाई भी हो सकती है।
भंडारण से डिलीवरी तक तापमान की निगरानी
FSSAI की एडवाइजरी के मुताबिक, जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों को निर्धारित तापमान पर नहीं रखने से उनमें बैक्टीरिया सहित दूसरे सूक्ष्मजीव पनप सकते हैं। इससे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ लोगों की सेहत को भी खतरा हो सकता है।
उपभोक्ता तक सामान पहुंचने तक तय हैं नियम
खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबार का लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन) विनियम, 2011 की अनुसूची-4 में खाद्य कारोबारियों के लिए साफ-सफाई व स्वच्छता से जुड़े नियम तय हैं। इन नियमों के तहत खरीद से लेकर अंतिम उपभोक्ता तक सामान पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया में खाद्य सुरक्षा के मानकों का पालन जरूरी है। इसमें चिलिंग, स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन व डिस्ट्रीब्यूशन शामिल हैं।
साफ-सुथरे वाहन में ही ले जाना होगा सामान
एडवाइजरी में कहा गया है कि खाद्य पदार्थों को ले जाने के लिए साफ, ढके हुए व स्वच्छ वाहनों का इस्तेमाल किया जाए। वाहन खाद्य सामग्री के परिवहन के अनुकूल होने चाहिए। सामान को लोड करने, उतारने, रखने व पहुंचाने के दौरान धूल, नमी, कीड़े-मकोड़ों व दूसरी गंदगी से बचाना होगा।
तापमान नियंत्रित रखने के साथ यह भी सुनिश्चित करना होगा कि खाद्य सामग्री को किसी तरह का भौतिक नुकसान न पहुंचे। दूसरे दूषित पदार्थों के संपर्क में आने से होने वाले क्रॉस-कंटामिनेशन को रोकना भी जरूरी होगा।

पैकिंग पर भी नियमों का ध्यान
FSSAI ने खाद्य पदार्थों की पैकिंग में फूड-ग्रेड सामग्री इस्तेमाल करने पर जोर दिया है। ऐसी पैकेजिंग का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए जो खाद्य पदार्थों के संपर्क के लिए सुरक्षित न हो। गैर फूड-ग्रेड बोरियों या दूसरी अनुपयुक्त सामग्री में सामान रखने से उसकी सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
खेप से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रखने होंगे
खाद्य कारोबारियों को अपने माल की खेप से जुड़े रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखने होंगे। इसमें इनवॉइस सहित दूसरे जरूरी दस्तावेज शामिल हैं। सक्षम अधिकारी के मांगने पर ये रिकॉर्ड उपलब्ध कराने होंगे, जिससे सामान के स्रोत से लेकर उसकी सप्लाई तक की जानकारी जुटाई जा सके।
FSSAI issues an advisory on handling, storage, and transportation of perishable foods like khoas, paneer, meat, and fish under controlled temperature conditions throughout the supply chain.
FBOs must ensure strict adherence to hygiene and temperature standards
#FSSAIAdvisory https://t.co/U4XZc09Xf4— FSSAI (@fssaiindia) October 18, 2026
निरीक्षण में लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई
FSSAI ने राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों, रेलवे बोर्ड से जुड़े अधिकारियों व अपने क्षेत्रीय निदेशकों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। लाइसेंसिंग अधिकारियों व खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के परिवहन की जांच करने को कहा गया है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसमें संबंधित खाद्य सामग्री को जब्त करने व नष्ट करने जैसे कदम भी शामिल हैं।






