UP Politics : मंत्री राजभर का अखिलेश यादव पर तीखा हमला, बोले- आजमगढ़ में ढहेगा सपा का किला
यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राजभर ने PDA पर उठाए सवाल, 29 नवंबर की महारैली से गैर-यादव पिछड़ों और बहुजनों की ताकत दिखाने का किया दावा
लखनऊ, 26 अक्टूबर 2026:
यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) 2027 की आहट के बीच सियासी बयानबाजी तेज होने लगी है। योगी सरकार में मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने आजमगढ़ को सपा का गढ़ बताने की राजनीति पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि आगामी 29 नवंबर को होने वाली महारैली में गैर-यादव पिछड़ों और बहुजन समाज की ताकत दिखाई देगी।
मंत्री राजभर ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर अखिलेश यादव को निशाने पर लिया। उन्होंने लिखा, ‘आपके काल्पनिक गढ़ एक के बाद एक ढह रहे हैं। कन्नौज के बाद अब आजमगढ़ में भी आपकी विदाई का बाजा बजने वाला है।’ उन्होंने समाजवादी पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे को भी निशाने पर लेते हुए इसे ढकोसला करार दिया।
29 नवंबर को आजमगढ़ में सुभासपा की महारैली
ओमप्रकाश राजभर ने बताया कि 29 नवंबर को आजमगढ़ के आईटीआई मैदान में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की विशाल सामाजिक समरसता महारैली आयोजित की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि इस रैली के जरिए पूर्वांचल के दलितों, पिछड़ों और खासकर गैर-यादव पिछड़ा समाज की एकजुटता का संदेश दिया जाएगा।
राजभर ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कहा कि आजमगढ़ में बहुजन समाज अपनी आवाज बुलंद करने जा रहा है। उन्होंने राजभर, निषाद, चौहान, प्रजापति, पटेल, पाल समेत अन्य गैर-यादव पिछड़ी जातियों का जिक्र करते हुए कहा कि इन वर्गों को केवल चुनाव के समय याद करने की राजनीति का दौर अब खत्म हो चुका है।
अखिलेश यादव जी,
आपके ‘काल्पनिक गढ़’ एक के बाद एक ढह रहे हैं। कन्नौज के बाद अब आजमगढ़ में भी आपकी विदाई का बाजा बजने वाला है।
पीडीए के नाम पर जो ढकोसला फैला रखा है आपने उसका ‘सत्यानाश’ अब अपनी आंख से देखने के लिए तैयार रहिए।
29 नवंबर को आजमगढ़ में गैर यादव पिछड़ा और बहुजनों की असल ताकत देखकर आपकी बेखबरी का सारा नशा उतर जाएगा।
आजमगढ़ के आईटीआई मैदान में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की विशाल सामाजिक समरसता महारैली की वीडियो रिकॉर्डिंग करा के देख लीजिएगा कि कैसे आपका किला ढहा है।
पूर्वांचल के दलित, पिछड़ा और खासकर गैर-यादव पिछड़ा समाज की एकजुटता का शंखनाद होने जा रहा है।
आप आजमगढ़ को अपना गढ़ बताकर घूमते हैं, उसी गढ़ में पहली बार बहुजन समाज अपनी असली आवाज बुलंद करने जा रहा है।
आप पीडीए का नारा लगाते हैं न… तो इसबार गिन लीजिएगा। राजभर, निषाद, चौहान, प्रजापति, पटेल, पाल और बाकी गैर-यादव पिछड़ों को सिर्फ चुनाव के समय याद करने का समय गया है मित्र।
जय भारत, जय श्रीराम, जय परशुराम,
जय श्रीकृष्ण, जय महाराज सुहेलदेव।
@yadavakhilesh— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) October 26, 2026
PDA की राजनीति पर राजभर ने उठाए सवाल
सुभासपा अध्यक्ष ने दावा किया कि महारैली में जुटने वाली भीड़ समाजवादी पार्टी के कथित मजबूत जनाधार को चुनौती देगी। उनके बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पूर्वांचल में पिछड़े वर्गों के बीच राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। वैसे यह स्पष्ट होने में अभी समय है कि आजमगढ़ में महारैली का वास्तविक राजनीतिक असर और गैर-यादव पिछड़े वर्गों का समर्थन किस ओर जाता है। फिलहाल राजभर के इस हमले ने यूपी की सियासत में अखिलेश यादव और PDA की राजनीति को लेकर नई बहस छिड़ सकती है।






