68500 शिक्षक भर्ती : 57वें दिन भी धरने पर अभ्यर्थी, सरकार से सवाल- दिवाली घर पर मनेगी या ईको गार्डन में?
लखनऊ के ईको गार्डन में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी, क्रमिक भूख हड़ताल का दूसरा दिन, भाजपा और सुभासपा के प्रवक्ताओं के आश्वासन से जगी न्याय की उम्मीद

लखनऊ, 27 अक्टूबर 2026:
यूपी में 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण की कथित गड़बड़ी का मुद्दा लगातार चर्चा में है। नियुक्ति की मांग को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को लखनऊ के ईको गार्डन में 57वें दिन भी जारी रहा। वहीं, क्रमिक भूख हड़ताल का मंगलवार को दूसरा दिन रहा। अभ्यर्थियों ने दिवाली से पहले नियुक्ति प्रक्रिया का शेड्यूल जारी करने की मांग तेज कर दी है।
सोमवार से चित्रकूट के दीपक पटेल और बरेली के नसीम फरीदी क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनके साथ बड़ी संख्या में अभ्यर्थी नियुक्ति की उम्मीद में धरना दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बावजूद उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ है।
दिवाली से पहले नियुक्ति की सौगात देने की अपील
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आशुतोष वर्मा और तूफान सिंह ने मुख्यमंत्री, बेसिक शिक्षा मंत्री और बेसिक शिक्षा विभाग से दिवाली से पहले नियुक्ति प्रक्रिया का शेड्यूल जारी करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों ने नवरात्रि और दशहरा ईको गार्डन में आंदोलन करते हुए बिताया है। अब दिवाली भी नजदीक है। ऐसे में सरकार को अभ्यर्थियों की मांग पर जल्द फैसला लेना चाहिए जिससे वे अपने परिवार के साथ प्रकाश पर्व मना सकें।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि दिवाली से पहले शेड्यूल जारी नहीं हुआ तो अभ्यर्थी ईको गार्डन में ही दिवाली मनाने को मजबूर होंगे। उन्होंने इसके लिए शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग को जिम्मेदार ठहराया। धरना प्रभारी नवीन चौधरी ने भी सवाल उठाया कि क्या आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी इस बार दिवाली अपने परिवार के साथ मना पाएंगे या उनका त्योहार भी नवरात्रि और दशहरे की तरह आंदोलन में ही बीतेगा?
टीवी डिबेट में मिले आश्वासन से बढ़ी उम्मीद
अभ्यर्थी आशुतोष वर्मा के मुताबिक एक टीवी चैनल की डिबेट में भाजपा प्रवक्ता विवेक श्रीवास्तव और सुभासपा प्रवक्ता सौरभ यादव ने दिवाली से पहले मुख्यमंत्री से वार्ता कराने और न्याय दिलाने का भरोसा दिया है। इससे अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया का शेड्यूल जारी होने की उम्मीद जगी है।
अब सबकी निगाहें सरकार के फैसले पर टिकी हैं।






