गोरखपुर न्यूज : मिशन-2027 से पहले नितिन नवीन ने साधे कई समीकरण, विधायकों, पुराने नेताओं तक से लिया फीडबैक
कार्यकर्ताओं की नाराजगी, टिकट के पैमाने और सामाजिक समीकरणों पर हुई खुलकर बात, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर

गोरखपुर, 5 नवंबर 2026:
यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने संगठन को मजबूत करने के साथ अंदरूनी तालमेल सुधारने की कवायद तेज कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबिन ने गोरखपुर दौरे के दौरान सिर्फ चुनावी माहौल बनाने पर ही जोर नहीं दिया, बल्कि संगठन, सरकार, विधायकों और पुराने नेताओं के बीच संवाद बढ़ाने की कोशिश भी की। गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद उन्होंने पार्टी के नेताओं से मुलाकात की। इससे पहले बुधवार को पदयात्रा के जरिए चुनावी अभियान का संदेश देने के बाद देर रात तक बैठकों का दौर चला।
विधायकों से लेकर पूर्व पदाधिकारियों तक से बातचीत
गोरखपुर के एनेक्सी भवन में आयोजित बैठक में नितिन नबिन ने विधायकों, वर्तमान और पूर्व पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध समाज के लोगों से अलग-अलग संवाद किया। उन्होंने संगठन के कामकाज के साथ सरकार के प्रदर्शन को लेकर भी फीडबैक लिया। बैठक में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी बातें रखीं। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उनकी समस्याएं सुनीं और सवालों के जवाब भी दिए।
कार्यकर्ताओं की नाराजगी से टिकट के पैमाने तक पर चर्चा
बैठक में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा, आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण के पैमाने और समाज के अलग-अलग वर्गों से जुड़े मुद्दों पर भी बात हुई। नितिन नबिन ने इन विषयों पर अपनी बात रखी। कार्यकर्ताओं की ओर से आए सुझावों पर अमल का भरोसा दिया। चर्चा का एक अहम पहलू यह भी रहा कि चुनाव से पहले संगठन के भीतर संवाद की कमी दूर की जाए, जिससे जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की भूमिका मजबूत हो सके।

पुराने नेताओं को भी संगठन से जोड़ने की तैयारी
पूर्व जनप्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में आगामी चुनाव को देखते हुए संगठन की भूमिका पर चर्चा हुई। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मौजूदगी में बूथ स्तर तक पार्टी को सक्रिय बनाने और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर विचार किया गया। इस बैठक के जरिए पुराने जनप्रतिनिधियों को भी चुनावी तैयारियों से जोड़ने का संदेश दिया गया।

संगठन-सरकार के बीच तालमेल का संदेश
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के आवास पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ रात्रिभोज भी किया। इस मुलाकात को संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। गोरखपुर दौरे में केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान के आवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात करना भी राजनीतिक नजरिये से अहम रहा। इस दौरान दलित समाज के बीच पार्टी की पहुंच और संवाद का संदेश देने की कोशिश नजर आई।

बुधवार को पदयात्रा से किया था चुनावी अभियान का आगाज
नितिन नबिन कंल बुधवार 4 नवंबर को गोरखपुर पहुंचे थे। यहां उन्होंने मिशन-2027 के तहत आयोजित लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा की अगुवाई की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ शामिल हुए। पदयात्रा के मंच से उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधा। इसके साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर चुनाव की तैयारियों में जुटने का संदेश दिया।
गोरखनाथ मंदिर में किया दर्शन-पूजन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार गोरखपुर पहुंचे नितिन नवीन ने गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरखनाथ के दर्शन किए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने पूजा-अर्चना की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें मंदिर परिसर का भ्रमण कराया और नाथपंथ से जुड़ी जानकारियां दीं। इस दौरान उन्हें अंगवस्त्र, प्रसाद और गुरु गोरखनाथ की प्रतिमा भेंट की गई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin, उत्तर प्रदेश सह प्रभारी डॉ. @PKVarmaRanchi, प्रदेश अध्यक्ष श्री @mppchaudhary एवं प्रदेश महामंत्री (संगठन) श्री @idharampalsingh ने गोरखपुर में ‘पूर्व जनप्रतिनिधि बैठक’ में सहभागिता की।
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— BJP Uttar Pradesh (@BJP4UP) November 5, 2026
इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, केंद्रीय राज्यमंत्री कमलेश पासवान, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, सांसद रविकिशन शुक्ल, विजय दुबे, प्रदेश उपाध्यक्ष कामेश्वर सिंह, विधायक विपिन सिंह समेत कई नेता मौजूद रहे।






