Gorakhpur

MMUT में बनेगा सेमीकंडक्टर रिसर्च सेंटर… गोरखपुर से तैयार होगी चिप टेक्नोलॉजी की नई पीढ़ी

मेमोरी चिप, सोलर सेल, एलईडी व चिप डिजाइन पर होगा अत्याधुनिक शोध, छात्रों को वीएलएसआई, एंबेडेड सिस्टम और नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स की मिलेगी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग

गोरखपुर, 17 मई 2026:

मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमयूटी) गोरखपुर में सेमीकंडक्टर तकनीक के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में 4 करोड़ रुपये की लागत से सेंटर फॉर रिसर्च एक्सीलेंस इन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र न सिर्फ आधुनिक शोध का हब बनेगा, बल्कि पूर्वांचल में हाईटेक तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान को नई रफ्तार देगा।

इस केंद्र में मेमोरी चिप, सोलर सेल, एलईडी और दूसरे सेमीकंडक्टर डिवाइस के डिजाइन, निर्माण और परीक्षण पर काम होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि परियोजना को भविष्य की तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। केंद्र में वीएलएसआई डिजाइन, एंबेडेड सिस्टम, नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप डिजाइन के लिए अलग-अलग प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी। यहां छात्रों और शोधार्थियों को अत्याधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे वे देश और विदेश के तकनीकी संस्थानों के स्तर पर काम करने के लिए तैयार हो सकेंगे।

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प्रस्तावित सेंटर में हाई-परफॉर्मेंस सर्वर, एफपीजीए किट, डिजाइन सॉफ्टवेयर और चिप टेस्टिंग उपकरण लगाए जाएंगे। आगे चलकर चरणबद्ध तरीके से क्लीन रूम लैब भी स्थापित की जाएगी, जहां सूक्ष्म स्तर पर चिप निर्माण और परीक्षण संभव होगा। विश्वविद्यालय इस परियोजना के विस्तार के लिए भारत सरकार की सेमीकंडक्टर मिशन योजना, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और विभिन्न उद्योगों से सहयोग लेने की तैयारी कर रहा है।

अगले चरण में यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सेमीकंडक्टर डिवाइस विकसित करने की योजना है। भविष्य में फेब्रिकेशन तकनीक पर भी काम किया जाएगा, जिससे यह केंद्र क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के विकास की मजबूत बुनियाद बन सकता है।

सेमीकंडक्टर तकनीक से जुड़े माइनर कोर्स की रूपरेखा विश्वविद्यालय पहले ही तैयार कर चुका है। इस पाठ्यक्रम के तहत छात्र 20 क्रेडिट पूरा कर इस क्षेत्र में माइनर डिग्री हासिल कर सकेंगे। सेंटर शुरू होने के बाद इस कोर्स को और प्रभावी तरीके से संचालित किया जाएगा। एमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने कहा कि यह सेंटर पूर्वांचल में उन्नत तकनीकी शिक्षा और शोध को नई दिशा देगा।

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